श्रीनगर (महोबा)। वाणिज्य कर सचिव शिवनंदन प्रसाद ने लोहिया गांव ज्योरइया में चौपाल लगाकर ग्रामीणाें की समस्याएं सुनीं और विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। सचिव ने बिजली विभाग के एक्सईएन को रोस्टर की जानकारी न होने पर लताड़ लगाई।
बृहस्पतिवार को सचिव वाणिज्य कर ने डॉ. राम मनोहर लोहिया ग्राम ज्योरइया में ग्रामीणाें की समस्याएं सुनीं। उन्हाेंने ग्रामीणाें से बिजली आपूर्ति के बाबत जानकारी ली। ग्रामीणाें द्वारा कम बिजली मिलने की बात पर सचिव भड़क गये और बिजली विभाग के एक्सईएन नेकीराम और जेई एमपी सिंह को लताड़ लगाई। सचिव ने एक्सईएन से बिजली आपूर्ति का रोस्टर पूछा, लेकिन वह जानकारी नहीं दे सके। प्रसाद ने एक्सईएन को लताड़ लगाई। गांव के कालका प्रसाद ने सचिव को बताया कि उसने बिजली का नया कनेक्शन लिया है। कनेक्शन दौरान ढाई हजार रुपये शुल्क लेने के बाद दो हजार रुपये की रसीद दी गई। सचिव ने एक्सईएन को जांच कराकर दोषी कर्मचारी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए।
विकास कार्यों के भौतिक सत्यापन में गांव में पांच सीसी रोड बने पाए गये। निर्मल भारत अभियान के तहत 229 शौचालय बने हैं, लेकिन ग्रामीणाें द्वारा शौचालयाें का उपयोग न करने पर सचिव नाराज हुए और ग्रामीणाें से शौचालय का उपयोग करने को कहा। सीताराम पाल ने शौचालय की सिर्फ एक किश्त जारी होने की शिकायत की, जबकि शौचालय का निर्माण पूरा हो चुका है। सचिव ने डीपीआरओ को जांच के निर्देश दिए।
गांव में 23 इंदिरा आवास बने पाए गए, जिसमें नौ नये आवासाें में अब तक छत नहीं पड़ी है। सचिव ने सप्ताहभर में आवासाें पर छत डलवाने के निर्देश दिए। इस मौके पर एडीएम सुरेंद्र कुमार, एसडीएम सत्यप्रकाश राय, तहसीलदार रामजी, पीडी हुबलाल, बीएसए मसीहुज्जमा सिद्दीकी, बीडीओ कबरई ओमप्रकाश मिश्रा आदि अधिकारी मौजूद रहे।
स्कूल में मवेशी घुसने पर रिपोर्ट दर्ज कराएं- लोहिया गांव ज्योरइया के पूर्व माध्यमिक विद्यालय के नजदीक चौपाल के दौरान गोबर की गंध आने पर सचिव शिवनंदन प्रसाद का पारा चढ़ गया। उन्हाेंने बीएसए मसीहुज्जमा सिद्दीकी को बेहतर व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। बीएसए ने विद्यालय में मवेशियाें के घुसने से गंदगी फैलने की बात कही। सचिव ने पशुपालकाें के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए।
जनरेटर न चलाने पर सचिव भड़के- वाणिज्य कर सचिव ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्रीनगर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण दौरान प्रसव कक्ष में गंदगी देख सचिव भड़क गये। उन्हाेंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी रोहित सोनकर को लताड़ लगाई। उन्हाेंने प्रसूताआें से बाहर की दवाएं लिखे जाने के बाबत जानकारी ली। साथ ही गर्भवती महिलाआें को लेने और छोड़ने जाने वाली 102 एंबुलेंस के बाबत पूछताछ की, जिस पर व्यवस्था सही पाई गई। निरीक्षण दौरान उन्हाेंने जनरेटर चलाने के निर्देश दिए, लेकिन डीजल न होने पर जनरेटर नहीं चला। उन्हाेंने स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को फटकार लगाई।