महोबा। जिले में युवाओं को भारी भरकम मानदेय देने वाली मानव कल्याण विकासवादी संस्थान का हेड कार्यालय भले ही प्रशासन ने सील कर दिया हो और संस्थान का रजिस्ट्रेशन निरस्त हो गया हो, लेकिन कंपनी से जुड़े पांच सैकड़ा से अधिक युवाओं और महिलाओं को अब भी संस्थान के चालू होने की आस है। मंगलवार की सुबह सैकड़ों की संख्या में कंपनी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बड़े हनुमान मंदिर पहुंच बजरंगवली व भगवान शंकर की आरती उतार माथा टेका और संस्थान के जल्द चालू होने की कामना की।
गौरतलब है कि मानव कल्याण विकासवादी संस्थान ने बुंदेलखंड में नौकरियों की बाढ़ ला दी। झांसी में हेड कार्यालय होने के साथ ही जिला व तहसील स्तर पर संस्थान के कार्यालय खोल दिए गए। चार माह के अंदर जिले में ही सात सैकड़ा से अधिक युवाओं और महिलाओं को 30 से 40 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय में ज्वाइनिंग दी गई। ज्वाइनिंग में सिक्योरिटी के नाम पर लोगों से 40 से 50 हजार रुपये जमा कराए गए। चार दिन पहले झांसी प्रशासन ने हेड कार्यालय में छापामार उसे सील कर दिया और मुकदमा दर्ज करते हुए संस्थान का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया। जिससे जिला और तहसील कार्यालयों में ताले डल गए और बोर्ड भी निकाल लिए गए लेकिन कंपनी से जुड़े अधिकारी कर्मचारियों को अब भी संस्थान के जल्द शुरू होने का भरोसा दे रहे है।
संस्थान के बंद हो जाने से परेशान संस्थान से जुड़े दो सैकड़ा से अधिक महिला व पुरुष कर्मचारियों ने मंगलवार की सुबह आषाण मास के पहले मंगलवार को शहर के बड़े हनुमान मंदिर पहुंच भगवान की पूजा अर्चना करते हुए आरती उतारी और माथा टेककर जल्द संस्थान के शुरू होने की कामना की। जिले में ही 30 से 40 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलने और कोई खास काम न लिए जाने से बेहतर जिंदगी का सपना देख रहे युवाओं को संस्थान के सील पर गहरा झटका लगा है। हालांकि कार्यकर्ता कंपनी को गलत व फर्जी न मानते हुए उसके जल्द शुरू होने का भरोसा जता रहे है।
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संस्थान के संस्थापक चंद्रशेखर बुंदेलखंड में रहकर बेरोजगारी दूर करने के लिए संकल्पित है लेकिन शासन प्रशासन गुंडा गर्दी कर संस्थान बंद कराने पर उतारू है। प्रशासन संस्थान की पूरी जांच कर ले। यदि संस्थान गलत है तो सभी को बताया जाए।
प्रियंका शर्मा सचिव
मानव कल्याण विकासवादी संस्थान
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संस्थान से जुड़ी शहर के मोहल्ला चौसियापुरा निवासी परवीन का कहना है कि संस्थान में बेहतर नौकरी मिलने से उनके छोटे छोटे बच्चे पल रहे थे। सरकार और प्रशासन तो बेरोजगारों को नौकरी दे नहीं पा रहा है और नौकरी देने वाले संस्थान को बंद किया जा रहा है।
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शहर के मोहल्ला बड़ीहाट निवासी राममणि सोनी का कहना है कि उन्हें दोबारा संस्थान के शुरू होने का पूरा भरोसा है। संस्थान ने उन्हें रोजगार से जोड़ा है। जिससे उनके पारिवार की आर्थिक स्थिति सुधरती लेकिन संस्थान को गलत बताकर कार्रवाई की जा रही है।
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संस्थान से जुड़े रोहित कुमार का कहना है कि उनका कोई पैसा संस्थान ने ठगी करके नहीं लिया है। जो सिक्योरिटी उनकी जमा कराई गई थी वह एक माह की सैलरी में ही वापस हो गई। प्रतिमाह समय से उनका पैसा मिल रहा था। फिर भी प्रशासन संस्थान बंद करा रहा है।
संस्थान खुलने के लिए युवाओं ने लिया पूजा पाठ का सहारा
- बजरंगवली व भगवान शंकर की आरती उतार टेका माथा
- संस्थान से जुड़ी दो सैकड़ा से अधिक युवाओं व महिलाएं भोर से ही पहुंची मंदिर
- कंपनी से जुड़े लोगों में जल्द संस्थान खुलने का भरोसा