कुलपहाड़ महोबा। कोतवाली कुलपहाड़ के ग्राम भटेवरा में एक साथ 83 भेड़-बकरियों की मौत दम घुटने से हुई थी। पशु चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह खुलासा किया है। घटना से पशुपालक को करीब चार लाख रुपये की हानि हुई है।
ग्राम भटेवरा निवासी हल्कू पाल के पास 80 भेड़ व तीन बकरियां थी। तीन दिन पहले हल्लू के बच्चों का पड़ोसियों के बच्चों से विवाद हो गया। दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चले थे। इसके बाद हल्कू को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पति के जेल जाने के बाद पशु बाड़े में बंधने वाली भेड़ बकरियां कोई चोरी न कर ले इस वजह से हल्कू की पत्नी ने सभी भेड़ बकरियों को एक कमरे में बंद कर दिया। बुधवार की सुबह कमरा खोलने पर सभी भेड़ व बकरियां मृत मिलीं। सूचना पर पुलिस और पशु चिकित्सकों ने मौके पर पहुंच जांच की थी और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। हल्कू की पत्नी ने विवाद के चलते विपक्षियों पर बकरियों को जहर खिलाने का आरोप लगाया था। तीन सदस्यीय पशु चिकित्सकों की टीम ने भेड़ और बकरियों का पोस्टमार्टम किया। पशु चिकित्सक रणविजय सिंह ने पीएम रिपोर्ट में बताया कि रात में पानी बरसने से वातावरण में नमी बढ़ गई। जिससे उमस बढ़ने से बंद कमरे में अमोनिया गैस बन गई। कमरे में हवा के आवागमन के लिए कोई खिड़की नहीं थी। इसलिए दम घुटने से भेड़ बकरियों की मौत हो गई। घटना में करीब चार लाख रुपये का नुकसान होने से पशुपालक परेशान है।