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राक्षसों के संघार के लिए पृथ्वी पर अवतरित हुए भगवान-आचार्य

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महोबा। शहर के मोहल्ला रामनगर में स्थित हनुमान गढ़ी मंदिर परिसर में चल रही रामकथा में सोमवार को कथावाचक बृजेंद्र दीक्षित ने कहा कि भगवान वह है जिसमें सृष्टि का सृजन और संहार दोनों की क्षमता होती है।
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रामकथा में आचार्य बृजेंद्र दीक्षित ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्म राक्षसों के संहार के लिए हुआ। जब धरती में अन्याय व अधर्म बढ़ा और भक्तों पर संकट आया, तब भगवान श्रीराम ने जन्म लिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन से संस्कारवान जीवन की शिक्षा मिलती है। जिसमें मानव को अपने जीवन में उतारना चाहिए। आज भी भगवान कण कण में विराजमान है और अपने भक्तों की रक्षा करते है। कथा व्यास ने कहा कि मानव को कुछ न कुछ समय धर्म में लगाना चाहिए। रामायण और भागवत कथा ऐसे ग्रंथ है जिसके सुनने व पढ़ने से सभी दुख दर्द दूर होते हैं और मानव मोक्ष की प्राप्ति करता है।
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