महोबा। जिला उपभोक्ता फोरम ने मंगलवार को दो मामलों में फैसला सुनाया। फोरम ने विद्युत विभाग की लापरवाही से करंट की चपेट में आने से युवक की मौत के मामले में अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड महोबा को सात लाख रुपये 30 दिन के अंदर भुगतान करने के आदेश दिए। एक अन्य मामले में बैंक व बीमा कंपनी को बकरियों की मृत्यु हो जाने पर बीमा की धनराशि अदा करने का आदेश दिया।
उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष व न्यायाधीश सूबेदार यादव एवं सदस्य रामबाबू निषाद की जिलापीठ ने वादी पूरन सिंह एवं लाड़कुंअर पत्नी पूरन सिंह निवासी ग्रामम बघरौन द्वारा विपक्षी दक्षिणांचल विद्युत निगम लिमिटेड के अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड महोबा के विरुद्ध मामला दायर किया था। जिसमें बताया था कि उनके नौजवान पुत्र की विद्युत विभाग द्वारा लगाए गए जीर्णशीर्ण तार जो उनके घर के ऊपर से निकाले गए थे, टूटकर उनके पुत्र के ऊपर गिरने उसकी मौत हो गई थी। जिलापीठ ने प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करते हुए विद्युत विभाग की लापरवाही साबित पाए जाने पर सात लाख रुपये विपक्षीगण द्वारा 30 दिन के अंदर भुगतान करने का फैसला सुनाया। कहा कि यदि निर्धारित अवधि में विपक्षी द्वारा अदायगी नहीं की गई तो परिवाद प्रस्तुत करने की तिथि से 7 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की दर से भुगतान करना होगा।
इसी जिलापीठ ने हल्कू उर्फ मोहन निवासी ग्राम महुआ बांध द्वारा विपक्षीगण इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखा बेलाताल एवं यूनिवर्सल सोम्यो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के विरुद्ध इस आधार पर परिवाद प्रस्तुत किया गया था कि शिक्षित बेरोजगारों के लिए सरकार द्वारा संचालित योजना के अंतर्गत उसने बैंक से ऋण लेकर बकरियों का पशुपालन शुरू किया था। जिनका बीमा उपरोक्त बीमा कंपनी द्वारा किया गया था। उसकी बकरियों की मृत्यु हो जाने पर विपक्षीगण द्वारा बीमा धनराशि की अदायगी नहीं की गई। जिलापीठ द्वारा विपक्षी गण की सेवा में त्रुटि साबित पाए जाने पर बकरियों की बीमित धनराशि 17600 रुपये, मानसिक संताप के लिए तीन हजार रुपये और वाद व्यय का दो हजार रुपये अदा करने का आदेश दिया।
फोरम ने विद्युत एक्सईएन को सात लाख रुपये देने का सुनाया फैसला