फोटो 20 एमएएचपी 19 परिचय-पीसीएफ केंद्र चरखारी में खाद के लिए कतारों में लगे महिला व पुरुष किसान
चरखारी (महोबा)। जिले में डीएपी खाद को लेकर मारामारी मची है। अब पुरुषों के साथ महिलाएं भी घूंघट की ओट में समितियों के बाहर लंबी-लंबी कतारों में लगी नजर आ रही हैं। शनिवार को पीसीएफ केंद्र गोलाघाट चरखारी में सुबह से ही किसानों की भीड़ जुटी। घंटोंं इंतजार के बाद करीब 11 बजे खाद बंटना शुरू हुई। किसी को एक तो किसी को दो बोरी खाद दी गई। इससे 500 किसानों को ही खाद मिल सकी। करीब एक हजार किसान पूरे दिन इंतजार के बाद मायूस होकर लौट गए।
मंडी स्थित समिति में दो दिन पहले खाद वितरण के दौरान मारपीट हो गई थी। इसमें एक किसान व होमगार्ड घायल हो गया था। इसके बाद से समितियों में पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण कराया जा रहा है। पीसीएफ केंद्र में खाद लेने के लिए सुबह छह बजे से ही महिला और पुरुष किसान पहुंच गए। महिलाएं भी खाद के लिए लंबी कतारोंं में लग गईं। नायब तहसीलदार हेमकांत त्रिपाठी, कानूनगो प्रदीप कुमार के अलावा पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण शुरू कराया गया। जो शाम तक चलता रहा। केंद्र में मौजूद 800 बोरी डीएपी खाद का वितरण किया गया। खाद खत्म हो जाने पर अधिकांश किसान मायूस नजर आए। किसान दिनेश, दीपक, प्रमोद आदि ने बताया कि वह सुबह से बिना खाए-पिए कतार में लगे रहे लेकिन शाम तक खाद नहीं मिली। वह कई दिन से समितियों के चक्कर लगा रहे हैं। खाद न मिलने से उनकी रबी फसल की बोआई पिछड़ जाएगी। उधर, नायब तहसीलदार का कहना है कि किसानों को उनकी जोत के हिसाब से खाद दी जा रही है। सभी को खाद मुहैया कराई जाएगी।
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भटक रहे किसान, नहीं मिल रही खाद
खरेला निवासी किसान मनोज का कहना है कि वह खाद के लिए दस दिन से परेशान हैं। नकद भुगतान में खाद नहीं मिलने पर अब समिति के खाता की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। उन्हें अगले माह खाद देने के लिए कहा गया है। इससे वह भटक रहे हैं।
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किसान तुलसीदास कुशवाहा ने बताया कि पहले खाद नकद में मिल जाती थी। अब छोटे किसान को नकद में डीएपी नहीं दी जा रही है। पहले समिति सदस्यों को देने की बात कर्मचारी कह रहे हैं। वह कई दिन से खाद के लिए साधन सहकारी समिति के चक्कर लगा रहे हैं।
फोटो 20 एमएएचपी 19 परिचय-पीसीएफ केंद्र चरखारी में खाद के लिए कतारों में लगे महिला व पुरुष किसान