महोबा। नव भारत साक्षरता मिशन के तहत जिले में आगामी चार सालों में 40 हजार निरक्षरों को साक्षर बनाया जाएगा। 15 प्लस आयु वर्ग के व्यक्ति को नव भारत साक्षरता मिशन से लाभान्वित किया जाएगा। इससे न सिर्फ जिले की साक्षरता दर में इजाफा होगा बल्कि अशिक्षित व्यक्ति से अनपढ़ होने का कलंक भी मिटेगा।
नव भारत साक्षरता मिशन के तहत शहर से लेकर ग्रामीण स्तर के अशिक्षित व्यक्ति को तलाश कर उनका नव भारत साक्षरता मिशन में पंजीयन कराया जाएगा। इसके बाद उन्हें शिक्षित बनाने का काम शुरू होगा। शिक्षित होने के बाद एक परीक्षा भी कराई जाएगी। परीक्षा पास करने के बाद उन्हें साक्षर होने का प्रमाण पत्र सौंपा जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को निरक्षर व्यक्ति की तलाश कर उनका पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए हैं। वृद्धजनों को भी साक्षर बनाने की व्यवस्था से जिले की साक्षरता दर में इजाफा होगा।
निरक्षरों को साक्षर बनाए जाने को लेकर गाइडलाइन जारी की गई है। जिसके तहत दस निरक्षरों पर एक स्वयंसेवक की व्यवस्था की जाएगी। स्वयंसेवक को स्टेशनरी और पाठ्य सामग्री भी मुहैया कराई जाएगी। प्रत्येक परिषदीय विद्यालय में एक शिक्षक को नवभारत साक्षरता के लिए नोडल शिक्षक बनाया गया है। नोडल शिक्षक की जिम्मेदारी रहेगी कि उनके क्षेत्र का कोई भी निरक्षण व्यक्ति साक्षर बनने से छूट न जाए।
नवभारत साक्षरता के जिला समन्वयक शशांक सचान का कहना है कि 15 प्लस आयु वर्ग के निरक्षर लोगों को साक्षर करने के लिए कवायद शुरू की गई है। निर्धारित लक्ष्य को समय से पूरा किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।