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राष्ट्रीय लोक अदालत में 1,575 वादों का हुआ निस्तारण

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महोबा। न्यायालय परिसर में त्रैमासिक राष्ट्रीय लोक अदालत जनपद न्यायाधीश महताब अहमद की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित की गई। लोक अदालत में सुबह से ही वादकारियों और अधिवक्ताओं की भीड़ जमा रही। राष्ट्रीय लोक अदालत में 1,575 वादों का निस्तारण किया गया। 45 लाख 75 हजार 500 रुपये प्रतिकर धनराशि के रूप में दिलाए गए जबकि 4 लाख 45 हजार 785 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूले गए।
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लोक अदालत में व्यवहार वाद के पांच, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद 19, उत्तराधिकार अधिनियम वाद एक, वैवाहिक मामलों के बाद 42, राजस्व वाद 87, चकबंदी वाद 22, स्टांप और रजिस्ट्रेशन वाद चार, असुरक्षा अधिनियम वाद एक, बैंक ऋण से संबंधित प्रीलिटिगेशन स्तर के वाद 264, टेलीफोन कंपनियों से संबंधित वाद 11, प्रीलिटिगेशन स्तर के अन्य वाद 216, विद्युत अधिनियम के वाद 118, लघु आपराधिक मामलों के वाद 771, विशेष जेल लोक अदालत में फौजदारी वाद एक, सिविल प्रकीर्ण के 12 वादों का निस्तारण किया गया।
लोक अदालत में 47 हजार रुपये धनराशि के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए।
लोक अदालत में अपर जिला सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक, रामकिशोर शुक्ला, अपर जिला जज (त्वरित न्यायालय) सुरेंद्रनाथ, पारिवारिक न्यायालय राम कुशल, अपर जिला जज तृतीय (एफटीसी 2016) संतोष कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शोभनाथ सिंह, सिविल जज सीनियर डिवीजन निर्दोष कुमार, सिविल जज जूनियर डिवीजन दिव्यकांत सिंह राठौर, सिविल जज जूनियर डिवीजन चरखारी अभिषेक खरे, सिविल जज जूनियर डिवीजन कुलपहाड़ सचिन मौर्या मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में 1,575 वादों का हुआ निस्तारण
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