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महोबा: राष्ट्रीय लोक अदालत में 3,062 वाद निस्तारित

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महोबा। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को 3062 वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर किया गया। शुभारंभ वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति एमएन भंडारी ने किया। जिला जज हरवीर सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित किया।
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सुनवाई के दौरान चकबंदी के 213, व्यवहार के नौ, मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 15, विद्युत अधिनियम व उत्तराधिकार अधिनियम के 12-12, वैवाहिक मामलों के चार, राजस्व के 122, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन के छह, बैंक ऋण से संबंधित 221, प्रीलिटिगेशन स्तर के 1,301 वाद और लघु आपराधिक मामलों के 1,147 वादों का सुलह-समझौते के आधार निस्तारण किया गया। लोक अदालत में प्रतिकर धनराशि के रूप में 69.95 लाख, अर्थदंड के रूप में एक लाख 72 हजार 560 रुपये वसूले गए। विभिन्न मामलों में एक लाख 82 हजार 910 रुपये की धनराशि दिलाई गई।
इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अंशुमन धुन्ना, प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय रूपेश रंजन, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के धनेंद्र प्रताप सिंह, अपर जिला जज प्रथम राजीव कुमार पालीवाल, अपर जिला जज द्वितीय संदीपा यादव, अपर जिला जज संतोष कुमार यादव, सीजेएम अल्का चौधरी समेत अन्य न्यायिक अधिकारियों ने मामलों का निस्तारण कराया। राष्ट्रीय लोक अदालत में इंडियन बैंक के उप सहायक महाप्रबंधक संदीप सिन्हा, मुख्य प्रबंधक रजनीश कुमार, एलडीएम आशीष विवेक की मौजूदगी में 147 वादों का निस्तारण कर 2.35 करोड़ रुपये की वसूली की गई।
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