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पुरातत्व विभाग की उपेक्षा से अस्तित्व खोता जा रहा खकरामठ

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महोबा। मध्ययुगीन वास्तु शिल्प की बेमिसाल धरोहर खकरामठ पुरातत्व विभाग की उपेक्षा की चलते अपना अस्तित्व खोती जा रही है। पर्याप्त संरक्षण न मिलने व उचित देखरेख न होने के कारण यह इमारत खंडहर में तब्दील होती रही है।
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विन्ध्य पर्वत मालाओं सुरम्य सरोवरों की नैसर्गिक सुषमा से परिपूर्ण पुरातात्विक महत्व की बेजोड़ धरोहर खकरामठ का निर्माण नौवीं शताब्दी में सुप्रसिद्घ चंदेल राजा मदनवर्मन ने कराया था। मदन सागर के मध्य में खजुराहो के मंदिरों की तर्ज पर त्रिभुजाकार शैली में बनाया गया यह मंदिर आज भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ग्रेनाइट पत्थर पर महीन कारीगरी के साथ निर्मित किए गए इस मंदिर की कलात्मकता देखते ही बनती है। खकरामठ का निर्माण बगैर चूना, सीमेंट से किया गया है। एक दूसरे से सटाकर रखी गई ग्रेनाइट की शिलाएं आश्चर्यचकित करती है, साथ ही वास्तुकला का एहसास कराती है।
103 फिट लंबाई और 42 फिट चौड़ाई में बने मंदिरों के पास पत्थरों के हाथियों की प्रतिमाएं बिखरी पड़ी है। मंदिर के नजदीक मझारी द्वीप स्थित है। यहां पर जाने के लिए एक पक्का संपर्क मार्ग बनाया गया था। इस मार्ग से देशी-विदेशी पर्यटक खकरामठ के पास से जाकर निहारते थे, लेकिन आजकल मार्ग कई फिट नीचे पानी में दब गया है। जिससे अब सैलानी दूर से ही खकरामठ का नजारा करके चले जाते हैं। खकरामठ खजुराहो के मंदिरों से बड़ा है।
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गणेश विष्णु की प्रतिमाओं से बड़ी भव्यता
चंदेलकालीन धरोहर खकरामठ का गर्भगृह 12 फिट लंबा और 12 फिट चौड़ा है। 15 फिट की ऊंचाई पर अलंकृत कोनदार मंडप है। इसके गर्भगृह व महामंडप के बाहर चारों और 12 फिट की ऊंचाई पर चार तक्के बने है। इसके आगे की तरफ गणेश व बाई तरफ विष्णु और लक्ष्मी तथा पश्चिम में सूर्य प्रतिमा प्रतीत होती है। जिससे मंदिर की भव्यता अलग दिखाई देती है।
खकरामठ तक सेतु का निर्माण कराने को लिखे पत्र
चंदेल राजा द्वारा बनवाए गए मदन सागर सरोवर के बीचोंबीच बना खकरामठ आकर्षण का केंद्र बना हुआ। देशी-विदेशी पर्यटक आज भी खकरामठ को देखने आते हैं, लेकिन खकरामठ तक सेतु न बना होने से वह उसकी कारीगरी को पास से नहीं निहार पाते हैं। इतिहासकार शिवकुुमार गोस्वामी ने कई बार शासन प्रशासन को पत्र लिखकर खकरामठ तक सेतु का निर्माण कराए जाने की मांग की है।
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पुरातत्व विभाग की उपेक्षा से अस्तित्व खोता जा रहा खकरामठ
-नौवीं शताब्दी में चंदेल राजा ने कराया था खकरामठ का निर्माण
-खजुुराहो के मंदिरों की तर्ज पर बना है यह विशाल मंदिर
नईमुर्रहमान
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