संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के साढ़े चार वर्ष पुराने मामले में अदालत ने फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त को 20 वर्ष के कारावास व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
शहर के एक मोहल्ला निवासी युवक ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 21 अप्रैल 2019 को उसकी15 वर्षीय पुत्री घर से सहेली से मिलने जाने की बात कहकर निकली थी। देर शाम तक वह वापस नहीं लौटी। गांव और रिश्तेदारियों में खोजबीन करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा। बाद में पता चला कि उसका रिश्तेदार अमरचंद्र निवासी बंगालीपुरा, बांदा बहला-फुसलाकर ले गया है।
पुलिस ने 25 अप्रैल को मुकदमा दर्ज किया था। किशोरी के बरामद होने पर उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि अमरचंद्र उसका रिश्तेदार है। वह उसके साथ गई थी। अमरचंद्र उसे पहले बदौरा ले गया और एक दिन रखे रहा। इसके बाद वह बांदा ले गया, जहां दो महीनों तक रखकर उसके साथ दुष्कर्म किया और पत्नी के रूप में रखे रहा।
अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम) कु. अलका चौधरी ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमन कुमार सिंह ने बताया कि दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त अमरचंद्र को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतना पड़ेगी।