कबरई (महोबा)। पत्थरमंडी कबरई के व्यापारियों की लगातार जिला प्रशासन के साथ बैठक होने के बाद भी क्रशरों से रॉयल्टी कमी की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। जिसको लेकर जिलाधिकारी सहदेव ने पट्टाधारकों को नोटिस जारी कर सख्त करवाई की चेतावनी दी है। ताकि सभी क्रशरों को रॉयल्टी की आपूर्ति हो सके।
कबरई मंडी में तीन सौ से अधिक स्टोन क्रशर हैं। जहां से कानपुर, लखनऊ सहित सभी प्रमुख नगरों को स्टोन की आपूर्ति होती है। मंडी में पट्टे घट जाने के कारण रॉयल्टी की भारी कमी पिछले तीन माह से हो गई है। जिससे क्रशरों से माल की निकासी नहीं हो पाती। साथ ही रॉयल्टी मांग के सापेक्ष न मिलने के कारण रॉयल्टी की दर 600 रुपये प्रति घनमीटर तक पहुंच गई। जिससे क्रशर मालिक भी परेशान है।
क्रशर मालिक सत्येंद्र अग्निहोत्री, उपेंद्र शुक्ला, देवेंद्र मिश्रा, इंद्रकांत त्रिपाठी आदि ने बताया कि डीएम की बैठक के बाद भी गिट्टी निकासी के लिए रॉयल्टी नहीं मिल रही है।
उन्होंने क्रशर बंद कर दिए गए। क्रशर मालिक विनोद सोनी का कहना है कि अब जिन पट्टाधारकों से रॉयल्टी ले रहे थे, उनके फोन नही उठ रहे। अब कैसे क्रशर चलेंगे। उधर खान अधिकारी अंजनी कुमार सिंह का कहना है कि रॉयल्टी सबको दिलाएंगे। क्रशर बंद नही होने देंगे।
डीएम बोले, क्रशर संचालकों को दिए गए नोटिस
महोबा। डीएम सहदेव ने बताया कि 32 नए ई-नीलामी वाले खनन पट्टे निष्पादित करा दिए गए है। उनकी रॉयल्टी का पोर्टल चालू करने के लिए पासवर्ड आईडी आ गया है। वह अभी तक लेने नहीं आए। उनके आने से रॉयल्टी निकलने लगेगी। डीएम ने बताया कि अभी पट्टाधारकों के ई-खनिज पोर्टल में ई एमएम-11 का करेंट स्टॉक 13.65 लाख घनमीटर है। साथ ही 6 लाख घन मीटर फुटकर छोटे पट्टाधारकों का ई एमएम 11 का स्टॉक पोर्टल में है। नए पट्टों का अलग है। सभी पट्टा धारकों को नोटिस दी गई है कि वे किन क्रशर को माल देते है तथा रॉयल्टी देते है। उनकी सूची बनाकर पट्टाधारकों द्वारा खनिज विभाग को दी जाए तभी उन्हें रॉयल्टी मिलेगी। सूची से इतर रायल्टी देने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।