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Mahoba News: 1.72 करोड़ खर्च, फिर भी आधे अजनर में नहीं पहुंच रहा पानी

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फोटो 07 एमएएचपी 10 परिचय-हरेंद्र चंदेल। संवाद - फोटो : बहराइच में रोडवेज बस अड्डे पर खड़ी बसें।
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अजनर (महोबा)। ब्लॉक जैतपुर के कस्बा अजनर में 1.72 करोड़ रुपये की पेयजल योजना ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा पा रही है। आधे गांव में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है। गर्मी के मौसम में करीब छह हजार ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। ग्राम पंचायत टैंकरों से पानी की आपूर्ति करा रही है लेकिन यह नाकाफी साबित हो रही है।
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करीब 11 हजार की आबादी वाले अजनर कस्बे में पेयजल संकट दूर करने के लिए वर्ष 2012 में यह योजना शुरू हुई थी। योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइन की गुणवत्ता पर शुरू से ही सवाल उठे थे। आए दिन पाइपलाइन फटने से ऊंचाई वाले मोहल्लों में पानी नहीं पहुंच पाता है। वर्ष 2019 में 22 लाख रुपये की लागत से एक अतिरिक्त बोरवेल और टंकी का निर्माण भी कराया गया। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इससे श्रीराम मोहल्ला, कछियाना, गायत्री मोहल्ला और अनुसूचित जाति बस्ती समेत छह से अधिक मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति ठप है। गर्मी के मौसम में पानी को लेकर ग्रामीणों में मारामारी मची रहती है। पानी भरने के लिए ग्रामीण टैंकरों पर टूट पड़ते हैं जिससे किसी को एक या दो डिब्बा पानी ही मिल पाता है।


एक सप्ताह पहले समाजसेवी राकेश द्विवेदी ने ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी गजल भारद्वाज को शिकायत पत्र दिया था। उन्होंने आधे कस्बे में पेयजल आपूर्ति ठप होने की जानकारी दी थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर दो सदस्यीय टीम ने गांव का सर्वेक्षण किया। टीम ने अपनी रिपोर्ट भी भेजी लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ है। ग्राम प्रधान नन्हेराम ने बताया कि समस्या वाले क्षेत्रों में टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। पेयजल आपूर्ति करने वाली कंपनी के प्रबंधक ऋषभ निगम का कहना है कि ऊंचाई वाले इलाकों में पानी न पहुंचने की शिकायत पर जांच की गई है। उन्होंने बताया कि यह कोई बड़ी समस्या नहीं है और जल्द ही इसका समाधान कर दिया जाएगा।
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पानी लाने में निकल जाता पूरा दिन
लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। टैंकरों से भरपूर पानी नहीं मिल पाता है। दूर-दराज से पानी लाकर काम चलाते हैं। इसमें पूरा दिन निकल जाता है। - गोपीचंद्र राजपूत
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समस्या का शीघ्र हो समाधान
वर्ष 2019 में ऊंचाई वाले इलाकों में पेयजल आपूर्ति के लिए अलग से टंकी की व्यवस्था कराई गई थी लेकिन उससे भी आपूर्ति नहीं मिल रही है। समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाए। - हरेंद्र चंदेल
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खेत में बने घर में रहना मजबूरी
जब से पाइपलाइन बिछी है तब से मेला मोहल्ले को केवल दो माह ही पानी मिला। इसके बाद से आपूर्ति ठप है। पानी की परेशानी के चलते पूरा परिवार खेत पर बने मकान में रहता है। - काशीराम
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हैंडपंपों का लेना पड़ता सहारा
वर्षों से पेयजल आपूर्ति ठप है। कई बार शिकायत की गई लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। टैंकर से एक-दो डिब्बा पानी मिलता है। अधिक की जरूरत होने पर हैंडपंपों का सहारा है। - ओमप्रकाश

फोटो 07 एमएएचपी 10 परिचय-हरेंद्र चंदेल। संवाद- फोटो : बहराइच में रोडवेज बस अड्डे पर खड़ी बसें।

फोटो 07 एमएएचपी 10 परिचय-हरेंद्र चंदेल। संवाद- फोटो : बहराइच में रोडवेज बस अड्डे पर खड़ी बसें।

फोटो 07 एमएएचपी 10 परिचय-हरेंद्र चंदेल। संवाद- फोटो : बहराइच में रोडवेज बस अड्डे पर खड़ी बसें।

फोटो 07 एमएएचपी 10 परिचय-हरेंद्र चंदेल। संवाद- फोटो : बहराइच में रोडवेज बस अड्डे पर खड़ी बसें।

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