महोबा। पृथक बुंदेलखंड राज्य के लिए शहर के आल्हा चौक में पिछले 254 दिन से चल रहा अनशन चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद भी जारी रहेगा। अनशन की अगुवाई कर रहे बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने बताया कि महोबा में पिछले साल 28 जून से अनशन प्रारंभ हुआ था, उसके बाद बुंदेलखंड के सभी जिलों में चिंगारी फैल गई और बांदा, झांसी, जालौन, चित्रकूट व हमीरपुर में पृथक बुंदेलखंड राज्य के लिए अनशन शुरू हो गए। उनका अनशन लगातार जारी रहेगा।
बुंदेली समाज के संयोजक ने बताया कि महोबा के बाद बांदा में सबसे लंबा 177 दिन तक अनशन चला लेकिन दो दिन पहले वहां भी अनशन खत्म हो गया। उन्होंने बताया कि हम लोगों ने कई महीने हस्ताक्षर व पोस्टकार्ड अभियान भी चलाया। बहनों ने हजारों राखियां प्रधानमंत्री के पास भेजीं। उत्तर प्रदेश विधानसभा में जब विधायकों ने बुंदेलखंड राज्य की मांग उठाई तो योगी सरकार ने विकास बोर्ड बना दिया जो हमारे लिए ऊंट के मुंह में जीरा है। हमारा संघर्ष जारी रहेगा। हमें बुंदेलखंड राज्य से कम कुछ भी मंजूर नहीं। अनशन स्थल पर पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष बती बाबू, दिव्यांग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह परिहार, सुधीर द्विवेदी, प्रशांत गुप्ता, डा. राम सेवक चौरसिया, पूर्व फौजी शत्रुघ्न सिंह, कृष्णा शंकर जोशी, व्यापारी नेता शिव कुमार सोनी, पंकज गुप्ता, हरीओम निषाद, सूरज प्रकाश खरे समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
पृथक बुंदेलखंड राज्य के लिए जारी रहेगा अनशन