संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। बजट में इस बार खेत सुरक्षा योजना का भी एलान किया गया है। यह योजना सफल रही तो किसानों को फसल बर्बाद होने की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी। किसानों ने इस योजना का स्वागत किया है।
अन्ना मवेशियों से परेशान किसानों के लिए सरकार ने बजट में खेत सुरक्षा योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत खेतों की मेड़ पर सोलर फेंसिंग लगाई जाएगी। प्रदेश में किसानों की फसलों को अन्ना मवेशियों से होने वाला नुकसान 2022 के विधानसभा चुनाव के समय बड़ा चुनावी मुद्दा बना था। अब इस योजना को लेकर शासन की ओर से प्राथमिकता दिखाई गई है। इसका लाभ किसानों को मिलेगा।
कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, महोबा जिले में 2.36 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है। जिसमें 1.59 लाख किसान रबी व खरीफ सीजन में फसल उगाते हैं। कुछ किसान जायद के सीजन में भी खेतीा करते हैं। अन्ना मवेशियों की धमाचौकड़ी से किसानों की फसलें चौपट हो जाती है। ऐसे में खेत सुरक्षा योजना से किसानों को लाभ मिलेगा।
उप कृषि निदेशक अभय कुमार सिंह यादव ने बताया कि पूर्व में बैठक के दौरान मंत्री के सामने उन्होंने खेत सुरक्षा योजना की बात रखी थी। बजट में इसके लिए प्रावधान किया गया है। अब किसानों के खेतों में अनुदान पर सोलर तारबाड़ी लगने से किसानों को अन्ना मवेशियों से बर्बाद होने वाली फसल बच सकेगी। तारबाड़ी में सोलर का 12 वोल्ट का करंट रहेगा। जिससे अन्ना मवेशी खेत के पास नहीं जाएंगे।
किसान की बात
फोटो 05 एमएएचपी 10 परिचय-राजेंद्र सिंह।
किसान राजेंद्र सिंह ने कहा कि बजट में किसानों का ध्यान रखा गया है। पशु आश्रय स्थल का बजट दोगुना किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में अन्ना मवेशियों को अब पशु आश्रय स्थल में बेहतर तरीके से रखा जा सकेगा। इससे अन्ना मवेशियों की धमाचौकड़ी कम होगी।
फोटो 05 एमएएचपी 11 परिचय-जयहिंद तिवारी।
किसान जयहिंद तिवारी बोले कि बजट में 60 साल से ऊपर के किसानों को तीन हजार रुपये प्रति माह पेंशन दिए जाने की घोषणा है। इससे साफ है कि सरकार किसानों की सुध ले रही है। किसान इस घोषणा का स्वागत कर रहे हैं। किसानों के नजरिए से बजट अच्छा है।
फोटो 05 एमएएचपी 12 परिचय-रणविजय सिंह।
किसान रणविजय सिंह कहते हैं कि खेत सुरक्षा योजना बुंदेलखंड के लिए महत्वपूर्ण हैं। यहां अन्ना मवेशियों से खेतों में खड़ी फसल बचाने के लिए दिन रात रखवाली करनी पड़ती है। सर्दी, गर्मी व बारिश में झोपड़ी बनाकर रखवाली करते हैं। इस योजना से उनकी फसलें सुरक्षित होंगी।