महोबा। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई छह हजार रुपये सालाना अनुुदान योजना का लाभ लेने के लिए किसानों ने तहसीलों के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं। उधर जिलाधिकारी ने सभी ग्राम पंचायतों में दो सदस्यीय समिति तैनात कर दी है। जो गांव-गांव में सर्वे कर हकीकत की पड़ताल कर रही है। पहले चरण में पंजीकृत किसानों के घोषणा पत्र भरवाए जा रहे हैं। जिनकी तिथि 12 फरवरी निर्धारित की गई है। 12 फरवरी के बाद अपंजीकृत किसानों के घोषणा पत्र भरवाए जाएंगे। घोषणा पत्रों की भी क्रॉस चेकिंग के लिए समिति लगा दी गई है।
शासन के निर्देश पर जिले में लघु एवं सीमांत किसानों को छह हजार रुपये सालाना अनुदान देने के लिए कार्य तेज गति से शुरू हो गया है। किसानों द्वारा दिए जाने वाले घोषणा पत्रों की दिनरात फीडिंग चल रही है, जिससे जल्द से जल्द किसानों के खातों में पैसा भेजा जा सके। जहां ग्रामीण क्षेत्रों में टीमें लगाकर घोषणा पत्र भरवाए जा रहे। फीडिंग के बाद किसानों से आधार कार्ड और खाता संख्या नंबर बाद में लिया जाएगा।
उपजिलाधिकारी सदर राजेश कुमार ने बताया कि गांव-गांव में लगाई गई टीम किसानों की भूमि की जांच पड़ताल कर रही है। जांच दौरान यह देखा जा रहा है कि पति-पत्नी और बच्चों की जमीन मिलाकर दो हेक्टेयर तो नहीं हो रही है यदि पति-पत्नी और बच्चों की जमीन मिलाकर दो हेक्टेयर से अधिक जमीन हो जाती है तो ऐसे किसान लघु सीमांत की श्रेणी में नहीं आएंगे। यदि पति-पत्नी या पिता सरकारी जॉब में है तो या पेंशनर है तो उसे भी छह हजार रुपये सालाना राशि का लाभ नहीं मिलेगा।
इंसेट
लघु सीमांत श्रेणी के अंतर्गत आने वाले वास्तविक किसानों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने हर हाल में सालाना छह हजार रुपये अनुदान योजना का लाभ दिलाया जाएगा। राजस्व विभाग की लगाई गई टीम को सख्त निर्देश दिए कि सघन जांच पड़ताल के बाद फीडिंग कराए, जिससे कोई भी किसान छूट न सके।
सहदेव
जिलाधिकारी
महोबा
किसानों के खातों में जल्द पहुंचेंगे छह हजार रुपये
-रात चल रहा फीडिंग का कार्य
-ग्राम पंचायत स्तर पर लगाई गई दो सदस्यीय टीमें