खनिज कार्यालय में बैठक लेते प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी विजय मिश्रा।
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बिना एनओसी क्रेशर का संचालन अब महंगा पडे़गा। क्रेशर प्लांटों को उत्तर प्रदेश वायु प्रदूषण अधिनियम के अंतर्गत मानकों को पूरा करना होगा। वरना प्लांट सीज हाेंगे। 150 से अधिक क्रेशर प्लांटों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। गुरुवार को खनिज कार्यालय में प्रदूषण बोर्ड के रीजनल अधिकारी विजय मिश्रा ने क्रेशर संचालकों की बैठक में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि एक क्रेशर से दूसरे की दूरी 400 मीटर रखी गई है। बिना एनओसी के कोई भी प्लांट चलाना तो दूर उसका फाउंडेशन भी नहीं बनाया जा सकता। अलीपुरा से कबरई के बीच बिना एनओसी के निर्माणाधीन प्लांटों को तत्काल बंद करने के लिए नोटिस दिए गए हैं। साथ ही जिन प्लांटों द्वारा धूल प्रदूषण रोकने के उपाय एनओसी की शर्तों अधीन नहीं किए गए, ऐसे 150 प्लांटों को भी नोटिस दिए जा चुके हैं। बिना एनओसी के प्लांट संचालन पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।
उप्र प्र्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एससी यादव के हवाले से उन्होंने बताया कि जिन प्लांटों ने वायु जल प्रदूषण निवारण नियंत्रण 1981 के अनुसार अभी तक लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं कराया, वे हर हाल में करा लें। वरना उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। विजय मिश्रा ने कबरई पत्थर मंडी में दस हजार से अधिक वृक्षारोपण पर क्रेशर मालिकों का आभार जताया।
जिला खनिज अधिकारी भागवत प्रसाद यादव ने बताया कि धूल प्रदूषण को देखते हुए कबरई मंडी में शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक क्रेशर प्लांटों का संचालन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि डीएम के निर्देश पर अशोक मौर्या के नेतृत्व में एक समिति बनाई गई है, जो औचक निरीक्षण कर ऐसे क्रेशरों के खिलाफ सीजर कार्रवाई के साथ 50 हजार रुपये पेनाल्टी भी लगाएगी। बैठक में खनन उद्योग कल्याण समिति के अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह, वंशीधर सेंगर, रघुराज सिंह, ब्रजराज, विनोद सोनी, रामकिशोर सिंह तमाम लोग मौजूद रहे।