चरखारी (महोबा)। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बलचौर में शंकर जी मंदिर के पुजारी की बीमारी से हुई मौत के बाद उसका भांजा उन्हें मंदिर परिसर में ही दफनाने लगा। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। मामला बिगड़ता देख पुलिस बुलानी पड़ी। कोतवाली निरीक्षक प्रभारी चरखारी अनूप कुमार दुबे ने मृतक पुजारी के भांजे को समझा-बूझाकर शव को खेत में दफनाया। इसके बाद मामला शांत हुआ।
मंगीलाल अहिरवार (80) पुत्र चतुरा अहिरवार कई सालों से ग्राम बलचौर के शंकर जी के मंदिर में पुजारी थे। मंदिर में ही रहते थे। उनके कोई संतान न होने पर अपने भांजे रामदयाल को सेवा के लिए साथ में रख लिया था। सोमवार की रात बीमारी के चलते उनका निधन हो गया। भांजा मंगलवार को सुबह पुजारी को मंदिर परिसर में दफनाने के लिए ले गय तभी ग्रामीणों को इसकी भनक लग गई। भारी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में पहुंचे और पुजारी को मंदिर परिसर में दफनाने पर एतराज जताया। जिससे दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। माहौल गर्म होता देख कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को समझा-बूझाकर निपटाया और एक खेत में पुजारी का शव दफनाया।
मंदिर परिसर में पुजारी को दफनाए जाने को लेकर माहौल बिगड़ा