बेलाताल (महोबा)। जिले में रिश्वतखोरी की जड़े कितनी मजबूत हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि छह साल में रिश्वत लेते जिले के 13 अधिकारी और कर्मचारी पकड़े जा चुके हैं।
ग्राम पंचायत सुगिरा में इंटरलॉकिंग कार्य की फाइल स्वीकृत करने के एवज में प्रभारी एडीओ पंचायत कामता प्रसाद वर्मा ने 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। जिसे भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ ने रुपये लेते दबोच लिया था।
इससे पहले आठ सितंबर को डीपीआरओ कार्यालय के लिपिक वैभव को एंटी करप्शन टीम ने 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। इससे पहले बीएसए से लेकर जिला उद्यान अधिकारी तक रिश्वत लेते पकड़े जा चुके हैं। लगातार अधिकारियों व कर्मचारियों के पकड़े जाने के बाद भी काम के एवज में वसूली करने वालों में कोई सुधार नहीं आ रहा है।