स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण के लिए धनराशि अवमुक्त होने के बाद भी शौचालय निर्माण की गति धीमी पाए जाने पर डीएम ने डीपीआरओ विभाग के स्वच्छता पटल देख रहे लिपिक को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2019 तक जिले में 32 हजार शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। इस कार्य की जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपी है। डीएम वीरेश्वर सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में समीक्षा दौरान पाया कि शौचालय निर्माण का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए शौचालय निर्माण की पटल देख रहे लिपिक संतोष कुमार वर्मा को निलंबित करने के जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में रामप्रसाद, नरेंद्र पाल, रूपेश निगम, लखन कुशवाहा, लालबहादुर, निजाम अली, गुलाब सिंह, बजीर अहमद सहित 12 ग्राम पंचायत अधिकारियों के अनुपस्थित पाए जाने पर उनका एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। इससे खलबली मच गई। जिला पंचायत राज अधिकारी ने सभी ग्राम पंचायत अधिकारियों को समय से अपने-अपने क्षेत्र में शौचालयों का निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में तमाम अधिकारी मौजूद रहे।