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बैंक कर्ज से परेशान किसान ने फांसी लगाकर दी जान

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फोटो 14 एमएएचपी 04 परिचय- मृतक प्रेम सिंह यादव की फाइल फोटो
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बैंक कर्ज से परेशान किसान ने फांसी लगाकर दी जान
- पिता की मौत के बाद पुत्र पर आ गया था बैंक कर्ज
- खेती में कम पैदावार होने से परेशान रहता था किसान
अमर उजाला ब्यूरो
कुलपहाड़ (महोबा)। कोतवाली कुलपहाड़ के भानसिंह के खुड़ा में रहने वाले किसान ने कर्ज अदायगी की चिंता में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक का शव मकान के कमरे में पंखे के छल्ले से झूलता पाया गया। किसान पर छह लाख रुपये से अधिक बैंक कर्ज था। घटना से मृतक के परिजनों में कोहराम मचा है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।
कुलपहाड़ तहसील के भानसिंह के खुड़ा निवासी किसान प्रेम सिंह यादव (38) पुत्र ठाकुरदास यादव के पास 20 बीघा भूमि थी, जिसमें खेती किसानी करके वह परिवार का भरण पोषण करता था। शनिवार की रात प्रेमसिंह ने मकान के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। किसान के पिता ठाकुरदास की एक साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। ठाकुरदास के नाम 40 बीघा भूमि थी। इलाहाबाद बैंक कुलपहाड़ से 11 लाख रुपये का कर्ज था जबकि भूमि विकास बैंक से डेढ़ लाख रुपये का कर्ज लिया गया था, जिससे पिता का कर्ज उसके दोनों पुत्रों प्रेमसिंह व राजेंद्र सिंह पर आ गया था। छह लाख रुपये से अधिक कर्ज अदा करने और तीन वर्ष से खेती में बेहतर पैदावार न होने से प्रेमसिंह परेशान रहता था और घर पर इस बात की चर्चा करता था।
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मृतक के भाई राजेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों भाई 20-20 बीघा भूमि में खेती करते थे। खेती अधिक होने के चलते उन्हें कर्जमाफी का लाभ भी नहीं मिला। प्रेमसिंह के दो पुत्र व दो पुत्रियां है। जिसमें बड़ी लड़की की शादी हो चुकी है। कर्ज अदायगी को लेकर उसका भाई परेशान रहता था। रविवार की सुबह प्रेमसिंह का शव कमरे के पंखे में फांसी पर झूलता मिला। घटना की सूचना तहसील प्रशासन व पुलिस को दी गई। तहसीलदार सुबोधमणि शर्मा ने बताया कि घटना की जांच कराई जा रहा है। मृतक के परिवार को जो भी संभव सहायता होगी उसे अतिशीघ्र दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
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