महोबा। चार साल पहले किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट अधिनियम कोर्ट की अदालत ने मंगलवार को मुकदमे की सुनवाई करते हुए दोषी को दस साल की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये जुर्माना भी ठोंका।
पांच अगस्त 2015 को कोतवाली कुलपहाड़ के ग्राम ठठेवरा निवासी एक 14 साल की किशोरी गांव के हैंडपंप में पानी भरने गई थी। तभी गांव का ही प्रेमचंद्र अहिरवार पुत्र दामोदर अहिरवार किशोरी को पकड़कर अपने घर में ले गया। जहां पर उसने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। काफी देर तक किशोरी को अपने घर में रखे रहा। किशोरी के माता-पिता दिल्ली में मजदूरी करते थे। पीड़िता की चाची भतीजी को तलाशते हुए हैंडपंप के पास पहुंची तो बच्चों ने बताया कि उनकी भतीजी को गांव का प्रेमचंद्र पकड़कर अपने घर ले गया है। ग्रामीणों के साथ चाची के पहुंचने पर प्रेमचंद्र कुल्हाड़ी लेकर निकल आया और घर में घुसने से मना कर दिया। तभी चाची ग्रामीणों के साथ में घर के अंदर घुसी और भतीजी को बाहर ले आई।
पांच अगस्त 2015 को ही पीड़िता के चाचा जियालाल ने कोतवाली कुलपहाड़ में प्रेमचंद्र अहिरवार के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। मंगलवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश रामकिशोर शुक्ल ने दोनों पक्षों की बहस और गवाह सुनने के बाद प्रेमचंद्र को दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए दस साल की सजा सुनाई। इस मुकदमे की सरकार पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए अपर जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश सिंह ने बताया कि अदालत ने अभियुक्त पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है। जुर्माना अदा न करने पर चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेेगी।