महोबा। स्मार्ट मीटर के साथ अब चेक मीटर के तौर पर 10 फीसदी पुराने मीटर लगे छोड़े जाएंगे। उपभोक्ताओं की शिकायतों पर बिजली विभाग ने यह निर्णय लेते हुए कार्यदायी एजेंसी को निर्देश जारी किए हैं। जब उपभोक्ता संतुष्ट हो जाएगा तो तीन से छह माह में पुराने मीटर को उतार लिया जाएगा। इससे उपभोक्ता के बीच भ्रम की स्थिति दूर होगी।
बिजली विभाग की ओर से लगवाए जा रहे स्मार्ट मीटर के तेज दौड़ने की शिकायतें लेकर उपभोक्ता कार्यालय पहुंच रहे हैं। विभाग ने अब उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। नई व्यवस्था के तहत यदि किसी उपभोक्ता को यह लगता है कि स्मार्ट मीटर तेज चलता है तो वह अपनी संतुष्टि के लिए स्मार्ट मीटर के साथ अपना पुराना मीटर जांच के लिए लगा और छुड़वा सकता है। वह पुराने मीटर को चेक मीटर के रूप में प्रयोग कर सकता है।
उपभोक्ता स्मार्ट मीटर की रीडिंग व पुराने मीटर की रीडिंग का मिलान कर सकता है। बिजली विभाग के एसडीओ राकेश कुमार ने बताया कि स्मार्ट मीटर के साथ 10 फीसदी पुराने मीटरों को चेक मीटर के तौर पर लगाए जाने की व्यवस्था की गई है। उपभोक्ताओं की संतुष्टि के आधार पर तीन से छह माह में चेक मीटर को हटाया जाएगा।