अजनर (महोबा)। विकासखंड जैतपुर की ग्राम पंचायत अजनर में 12 वर्ष पहले 1.44 करोड़ की लागत से बनाई गई ग्राम समूह पेयजल योजना ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा पा रही है। ग्राम पंचायत के ऊंचाई वाले आधा दर्जन मोहल्लों में बूंद भर पानी भी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे ग्रामीण टैंकर व दूर दराज स्थित जलस्रोतों पर आश्रित है। यही वजह है कि टैंकर आते ही ग्रामीण पानी के लिए टूट पड़ते हैं। भीड़ अधिक होने के चलते किसी को एक तो किसी को दो डिब्बा पानी ही नसीब हो पाता है।
ब्लाक जैतपुर की 11 हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायत अजनर में ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए जल निगम द्वारा वर्ष 2006-07 में 1.44 करोड़ की लागत से ग्राम समूह पेयजल योजना बनाई गई थी। कच्छप गति से काम कराए जाने पर यह योजना 2012 में पूरी हो सकी। योजना के तहत ग्राम पंचायत में पांच किमी पाइप लाइन बिछाई गई। साथ ही तीन पंप हाउस, तीन नलकूप, पावर कनेक्शन सहित टंकी का निर्माण कराया गया लेकिन शुरुआती दौर से ही ग्राम पंचायत की आधी आबादी को पानी नहीं मिल सका। ऊंचाई वाले मोहल्ले कुरयाना, जटेरा, कछियाना, चंदेलपुरा, दुबे मुहल्ला आदि में पानी के लिए लोग परेशान है।
ग्रामीण गापीचंद्र ,रमेशचंद्र, रामाधीन, डॉ. उदय सिंह, भारत, मानसिंह आदि का कहना है कि पेयजल समस्या को लेकर कई बार विभागीय व उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन समाधान आज तक नहीं हो सका, जिससे खेतों में स्थापित कुओं से पीने का पानी लाने को मजबूर है। गर्मी का मौसम शुरू होने और पेयजल संकट को देखते हुए ग्राम प्रधान द्वारा दो टैंकरों से पेयजल की आपूर्ति कराई जा रही है लेकिन टैंकर आते ही पानी के लिए लोगों में होड़ मच जाती है, जिससे लोगों को भरपूर पानी नहीं मिल पा रहा है। ग्राम प्रधान सरोज द्विवेदी का कहना है कि टैंकरों की मदद से पानी की आपूर्ति कराई जा रही है।
ग्राम पंचायत अजनर में कुछ मोहल्ले ऊंचाई में होने के चलते पानी नहीं पहुंच पा रहा है। तालाब के किनारे ट्यूबवेल की स्थापना की जा रही है और ऊंचाई वाले इलाकों में नई लाइन बिछाई जा रही है। टंकी बनाने का प्रस्ताव भेज दिया गया है। जल्द ही लोगों को पेयजल समस्या से निजात मिलेगी।
लालजी यादव
अवर अभियंता जल निगम