महोबा। झांसी-मानिकपुर व खैरार-भीमसेन रेल लाइन पर दोहरीकरण परियोजना का निर्माण करने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तहसील कुलपहाड़ के बरेंडा बुजुर्ग गांव के 19 भूस्वामियों की 0.6323 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की जाएगी। साथ ही चकमार्ग व नाली की 0.98 हेक्टेयर भूमि इसमें शामिल हैं। रेलवे की ओर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है।
उत्तर-मध्य रेलवे के इन दोनों ट्रैकों से प्रतिदिन 25 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। रेल लाइनों का दोहरीकरण होने से यात्री और मालगाड़ियों के संचालन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। इससे ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा। साथ ही भविष्य में अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी खुलेगा।
उत्तर-मध्य रेलवे मंडल झांसी के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण अजीत सिंह यादव ने बताया कि बरेंडा बुजुर्ग गांव के प्रभावित भूस्वामियों की सूची जारी कर आपत्तियां मांगी गईं हैं। इसके बाद मुआवजा प्रक्रिया शुरू होगी। दोहरीकरण होने से ट्रेनों का दबाव कम होने के साथ यात्री व मालगाड़ियों का संचालन बेहतर होगा।