महराजगंज। नेपाल की तराई में बसा महराजगंज जनपद कलात्मक प्रतिभा में दक्ष युवाओं से परिपूर्ण है। इसकी बानगी जनपद के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित महराजगंज महोत्सव के मंच पर दिखा। पांच दिन चले इस महोत्सव में युवाओं ने न सिर्फ विभिन्न विधाओं में प्रतिभाग किया बल्कि यह दिखाया कि प्रतिभा के बलबूते पर वह आगे का सफर तय कर जनपद को ख्यातिलब्ध बनाने का माद्दा रखते हैं। किसी ने नृत्य कला कला में तो अन्य ने मंचन व गायन में उम्दा प्रस्तुति देकर आश्चर्य चकित किया।
जिले के सबसे बड़े मंच पर बिना नर्वस हुए प्रस्तुति देकर यह बताने का कार्य किया कि मंच चाहे जितना बड़ा हो वह बेहतर प्रदर्शन के लिए बखूबी तैयार हैं। महोत्सव में बेहतर प्रस्तुती देकर दर्शकों को मुरीद करने वाले चार युवाओं से वार्ता कर यह जानने का प्रयास कि उन्होंने किस प्रकार स्वयं को महोत्सव के लिए तैयार किया और आगे उनकी क्या तैयारी है।
नगर पालिका परिषद के बिस्मिल नगर वार्ड की रहने वाली आस्था त्रिपाठी ने महोत्सव में लोकगीत की श्रेणी में आने वाले चइता गीत सुनाकर दर्शकों को लोकसंस्कृति से परिचित कराया। उनकी प्रतिभा को खूब सराहा गया। बताया कि वह लोक-संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश स्तरीय ही नहीं देश स्तर के आयोजन में प्रतिभाग करने की तैयारी कर रही हैं।
सतभरिया की चांदनी वर्मा ने महोत्सव में बधाई गीत की प्रस्तुति से अपनी क्षमता दिखाई। यह कार्यक्रम गैर जनपद से आए मेहमानों ने भी खूब सराहा। बताती हैं कि महराजगंज महोत्सव के मंच से मिली उर्जा से वह हर बड़े मंच के लिए तैयार हैं।
नगर के हनुमानगढ़ी मार्ग निवासी सत्यप्रकाश सिंह का गाया सांसों की माला गीत तो दर्शकों को इतना पसंद आया कि लोगों ने इसका वीडियो बनाकर एक दूसरे से शेयर किया। बताया कि महराजगंज महोत्सव के मंच से उन्होंने अन्य मंच पर भी प्रस्तुति देने के लिए खुद को तैयार कर लिया है।
धनेवा की रहने वाली सोनी साहनी के राजस्थानी गीत पर किए गए नृत्य को देख दर्शकों को यह लगा जैसे कोई राजस्थानी कलाकार मंच पर आ पहुंचा हो। बताया कि वह विभिन्न राज्यों के लोकनृत्य को लेकर आगे बढ़ना चाहेंगी।