कोठीभार थाने पर बरामद ई रिक्शा के साथ आरोपी व पुलिस टीम।
सिसवा बाजार। कस्बे के एक ई-रिक्शा कारखाने में डीलर बनने आए बिहार के एक युवक ने कंपनी मालिक को फर्जी आरटीजीएस स्क्रीन शॉट दिखाकर चार ई-रिक्शा लेकर चला गया। बैंक में पड़ताल के बाद मालिक को ठगी का पता चला। 17 दिन बाद पुलिस ने आरोपी को ई-रिक्शा के साथ गिरफ्तार कर लिया। केस दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
चित्रगुप्तनगर वार्ड निवासी मुकेश कुमार, रितेश कुमार की सिसवा बाजार कस्बे में ई-रिक्शा का कारखाना है। 28 अगस्त को अपराह्न चार बजे के करीब बिहार के वार्ड नंबर 31 रतनमाला थाना बगहा जनपद पश्चिमी चंपारण निवासी आदर्श कुमार कारखाना पर आया और रितेश कुमार से डीलरशिप के लिए वार्ता करने लगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीन ई-रिक्शा और एक माल ढोने वाली ई-लोडर क्रय किया और चारों गाड़ियों की कीमत 4.58 लाख का भुगतान अपने मोबाइल द्वारा आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किया। स्क्रीन शॉट कंपनी मालिक के मोबाइल पर भेज दिया।
मुकेश ने तत्काल उस स्क्रीन शॉट को बैंक में भेज कर पता किया। बैंक कर्मचारी ने बताया कि आरटीजीएस भुगतान खाते में कभी-कभी एक दो घंटे के बाद प्रदर्शित होता है। इसके बाद बिहारी युवक ने अपने साथ लाए चालकों के साथ चारों गाड़ी लेकर चला गया। घटना के दूसरे दिन जब बैंक में पता किया गया तो भुगतान फर्जी था। इसके बाद कंपनी मालिक ने फोन करना शुरू किया तो आदर्श कुमार बार-बार बहाने बनाता रहा और न पैसे का भुगतान किया और न ही ई रिक्शा वापस किया। इससे परेशान होकर मुकेश कुमार ने कोठीभार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
मामले में साक्ष्यों को एकत्र करने के बाद शनिवार की रात में सिसवा नगर चौकी के इंचार्ज बृजभान यादव के नेतृत्व में पुलिस ने आदर्श कुमार के घर पहुंचकर ई-रिक्शा के साथ गिरफ्तार कर लिया। बिहार न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेकर रविवार को कोठीभार थाने लाया गया। सिसवा नगर चौकी के इंचार्ज ने बताया कि पूछताछ के बाद आरोपी को सोमवार को जेल भेज दिया गया।