महराजगंज। आज के युग में महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के तहत सब्सिडी वाला ऋण लेकर अपना काम शुरू कर सकती हैं।
आज के समय में लोग बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे हैं। फास्ट फूड स्टॉल उद्यमी की ट्रेनिंग के उपरांत महिलाएं अपना रोजगार शुरू कर सकेंगी। ये बातें शहर के एक्सल एकेडमी की प्रबंधक गीता गुप्ता ने कही। वह शुक्रवार को स्कूल कैंपस में अमर उजाला संवाद में महिलाओं को स्वरोजगार विषय पर जानकारी दे रहीं थीं।
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने खामियाें बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य के दो पहलु होते हैं। नकारात्मक व सकारात्मक पहलु। हमेशा सकारात्मक सोचें तो बेहतर होगा। महिलाओं ने स्वरोजगार शुरू करने के लिए सरकार की योजनाओं के बारे में पूछा। विनीता पटेल ने कहा कि स्वरोजगार की बात तो की जाती है, लेकिन बैंक में ऋण के लिए समस्या होती है। इनको रोकते हुए चंदा मिश्रा ने कहा कि इन्ही बातों पर प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है। माया गुप्ता ने बताया कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं तो स्वरोजगार में भी आगे बढ़ने की जरूरत है। दिव्या मिश्रा ने कहा कि काम कोई छोटा या बड़ा नहीं होता है। शुरूआत ठीक ढंग से करनी चहिए। सिलाई कढ़ाई, व्यूटी पार्लर समेत अन्य कार्यो के लिए प्रशिक्षण के साथ ही सरकार ऋण देती है। इसके बारे में जानने की जरूरत है। संवाद में श्रेया रौनियार, रामावती पटेल, सलोनी पटेल, शिवानी भट्ट, मनीषा प्रजापति, पूजा रौनियर, अर्चना पांडेय, अंकिता शर्मा आदि ने अपने विचारों को व्यक्त करते हुए महिलाओं को जागरूक होने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में स्कूल के एमडी दशरथ गुप्ता ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का संचालन ताइक्वांडों एसोसिएशन के सचिव अभिषेक विश्वकर्मा ने किया।