जिलाधिकारी ने फरेंदा ब्लॉक के मथुरा नगर की प्रधान को नोटिस जारी कर 15 दिन में मांगा स्पष्टीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। कार्यों काे बिना माप पुस्तिका (एमबी) में अंकित कराए भुगतान करना फरेंदा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मथुरा नगर की प्रधान को महंगा पड़ गया। मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने प्रधान रीता चौरसिया को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिन में साक्ष्यों समेत स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है।
मुख्य विकास अधिकारी ने 22 फरवरी को गांव की जांच में पाया था कि बिना इंडिया मार्क हैंडपंप की स्थापना कराए 10 अदद सामुदायिक शोकपिट का निर्माण करते हुए 1,51,061 रुपये का भुगतान ग्राम पंचायत ने किया है। कार्य औचित्यहीन मिला। 40 सामुदायिक कचरा पात्र पर सात लाख, 40 प्लास्टिक बैंक पर 4,90,000 रुपये, दो ई रिक्शा क्रय पर 4,50,000 रुपये और 676 मीटर नाली निर्माण पर 19,27,655 रुपये व्यय किया गया है।
सामुदायिक शोकपिट के निर्माण कार्य को छोड़कर किसी कार्य की एमबी नहीं कराई गई। इसकी वजह से 45,42,218 रुपये का भुगतान बिना एमबी का पाया गया, जो प्रथमदृष्टया गलत है। जिलाधिकारी ने मामले में प्रधान से यह भी पूछा है कि क्यों न उनके वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार को सीज करते हुए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया जाए।
कोट
बिना एमबी कराए कार्यों का भुगतान कराया जाना मानक के विपरीत है। प्रधान को नोटिस भेजते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद अगली कार्रवाई होगी।
-सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी