रामपुर उत्सव में वक्ताओं ने कबीर के जीवन दर्शन पर डाला विस्तार से प्रकाश
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। ग्राम सभा रामपुर बुजुर्ग गांव में चंद्रिका शर्मा फूला देवी समिति सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में रामपुर उत्सव का शुभारंभ शनिवार को मगहर मठ के महंत विचार दास ने किया। उन्होंने कहा कि अंधेरों को दूर कर ज्ञान की प्राप्ति ही जीवन का आधार है। परमात्मा की प्राप्ति साधना से ही संभव है। उसके बिना किसी का अस्तित्व नहीं है। इच्छा ही कबीर के जीवन की सच्चाई है।
मुख्य वक्ता दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय हिंदी विभाग के आचार्य प्रोफेसर अनिल रॉय ने कहा कि हमें फिर एक कबीर चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने समय में समाज की कठिन परिस्थितियों के बीच फंसे हुए मनुष्य के दुखों और उनकी चिंताओं और चुनौतियों को देखकर हमें बार-बार कबीर की याद आती है।
किसान पीजी कॉलेज सिरोही के पूर्व प्राचार्य डॉ. प्रकाश पांडेय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह के उत्सव और कबीर मेले का आयोजन एक नितांत सामाजिक और गौरवशाली परंपरा है। इतिहास के एक बेहद खराब और मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। समाज संस्कृत राजनीति विभिन्न क्षेत्रों में अपनी तरह की समस्याएं हैं।
जवाहर लाल नेहरू पीजी कॉलेज महाराजगंज के दिग्विजय नाथ पांडेय ने कहा कि सामाजिक संस्कृतियों से सराबोर और कबीर की महत्ता पर आयोजित मेले से समाज में एक बेहतर माहौल बनेगा। सिटीजन फोरम के अध्यक्ष डॉ. आरके मिश्र ने कहा कि अहंकार छोड़कर सहज और सरल जीवन में अपनाना होगा।
सेंट जोसेफ स्कूल के प्रबंधक सीजे थामस ने कहा कि सामाजिक विकृतियों को दूर कर समाज को जोड़ने की जरूरत है। इस दौरान प्रोफेसर जनार्दन, डॉ. परशुराम गुप्त, कृष्ण मोहन अग्रवाल, डॉ. शांति शरण मिश्र, सरोज शर्मा, विजयलक्ष्मी शर्मा, जगदीश नारायण शर्मा, नागेंद्र मणि शर्मा, देवेंद्र मणि शर्मा आदि मौजूद रहे।
शिक्षक समेत छात्र सम्मानित
आदर्श शिक्षक सम्मान गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त गणित के प्रवक्ता धनराज प्रसाद गुप्त को सम्मानित किया गया। ट्रस्ट की ओर से गांव के मेधावी विद्यार्थी अशोक कुमार, प्रतिभा पटेल, रेशमा गौतम और अमजद अली को प्रतीक चिह्न प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। ट्रस्ट की वार्षिक पत्रिका गांव का विमोचन भी किया गया। संगोष्ठी का संचालन डॉ. सीतांशु कुमार ने किया। रामपुर उत्सव के संयोजक प्रोफेसर अमरनाथ शर्मा और प्रोफेसर विश्वंभर नाथ शर्मा ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया।