महराजगंज। सोमवार को रामग्राम में उत्खनन का शुभारंभ केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी करेंगे। इसके लिए तैयारी पूरी हो चुकी है। नगर पंचायत चौक बाजार की ओर से उत्खनन स्थल पर टेंट के साथ ही प्रकाश की व्यवस्था कर दी गई है।
उत्खनन के बाद विश्व के पटल पर रामग्राम का नाम होने की उम्मीद बढ़ जाएगी। क्षेत्र में पर्यटन के अवसर भी बढ़ेंगे।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को सुबह 11 बजे रामग्राम स्तूप के उत्खनन का शुभारंभ होगा। उत्खनन में रामग्राम की प्रमाणिकता साबित होने के बाद रामग्राम बौद्ध टूरिज्म के अंतरराष्ट्रीय फलक पर आ जाएगा। रामग्राम भगवान बुद्ध के प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होगा। धरमौली में निर्मित धातु स्तूप रामग्राम को क्षेत्र में कन्हैया बाबा स्थान के नाम से जाना जाता है।
बौद्ध धर्म के विकास की जड़ें इसी धरती की माटी से निकली हैं, लेकिन अभी तक न तो रामग्राम को मान्यता मिल पाई और न ही देवदह को। रामग्राम कोलिय राज्य की राजधानी थी। मान्यता है कि शाक्यों और कोलियों में विवाद का निपटारा करने स्वयं भगवान गौतम बुद्ध को आना पड़ा। इसका बड़ा प्रमाण यह भी है कि जब भगवान गौतम बुद्ध का निर्वाण हुआ तो उनकी अस्थियां लेने कोलिय भी कुशीनगर पहुंचे। अस्थियों के आठवें भाग को प्राप्त कर राजधानी रामग्राम के समीप उन अस्थियों पर एक विशाल धातु चैत्य (स्तूप) बनवाया।