इन दिनों खाद्य पदार्थों के 27 नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए, एक से डेढ़ माह में आती है रिपोर्ट
दिवाली को देखते हुए विभाग ने तेज की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। दिवाली पर्व करीब आ रहा है, ऐसे में मिठाइयों की खपत बढ़ने पर मिलावट की आशंका बढ़ जाती है। लेकिन, दिवाली में जो मिठाई खाएंगे, बाद में पता चलेगा कि वह मिलावटी है या नहीं। दरअसल त्योहारों से पहले छापा मार कर नमूने जांच के लिए भेजे जाते हैं, उसकी रिपोर्ट त्योहार समाप्त होने के बाद आती है। पिछले साल दिवाली पर 56 फीसदी नमूने फेल हुए थे। जिसकी रिपोर्ट करीब माह भर बाद आई थी।
वर्तमान में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से खाद्य पदार्थों के 27 नमूने जांच के लिए भेज गए हैं। जिले में भ्रमण कर टीम जांच में जुटी है। रिपोर्ट आने में एक से डेढ़ माह लग जाती है। सोमवार को शहर में मिठाई की दुकानों पर तैयारियां तेज दिखी। दुकानदार संभावित बिक्री को लेकर अपनी व्यवस्था बना रहे थे। काॅलेज रोड की एक दुकान पर दुधिया आया तो दुकानदार से उससे अतिरिक्त 100 लीटर दूध व खोआ की मांग की। दूध से बनी मिठाइयों को बनाने के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है।
काॅलेज रोड से आगे बढ़ने पर जितेंद्र कुमार मिले तो उन्होंने बताया कि मिलावट के कारण अब तो छेने की मिठाई खरीदने का मन नहीं करता है। ब्रांडेड कंपनियों की पैक मिठाई खरीदता हूं। यह ठीक रहती है। शहर में इसी तरह से दुकानों पर तैयारियों को लेकर दुकानदार व्यस्त रहे। उधर, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से छापा मारा जा रहा है। छापे में 27 नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे जा चुके हैं।
एक अप्रैल से 30 सितंबर तक 555 निरीक्षण किए गए। 77 छापे डाले गए। टीम ने खाद्य पदार्थों (पनीर, दूध, बेसन, मिठाई, खोवा, नमकीन आदि) 78 नमूने जांच के लिए भेजे। उनमें से 75 की रिपोर्ट आई। 37 नमूने फेल हो गए। रिपोर्ट में दूध में पानी होना बताया गया तो मिठाई खराब मिली। मशाला भी ठीक नहीं मिला था। एडीएम कोर्ट में विभाग की ओर से 70 वाद दाखिल किए गए, इसमें 63 पर निर्णय आया। 10 लाख 79 हजार रुपये जुर्माना व्यापारियों पर लगाया गया। आठ बाद सीजेएम न्यायालय में दाखिल हुआ है।
बीते साल 56 फीसदी नमूने हुए थे फेल
वर्ष 2022 में पांच माह में खाद्य पदार्थों (पनीर, दूध, बेसन, मिठाई, खोवा, नमकीन आदि) के 157 नमूनों में से 56 फीसदी फेल हो गए थे। इनमें से पांच सेहत के लिए हानिकारक थे। हालांकि, अधिकतर ऐसे थे जो सेहत के लिए नुकसानदायक तो नहीं थे, लेकिन फायदेमंद भी नहीं थे। एक अप्रैल 2022 से 31 अगस्त 2022 तक 485 प्रतिष्ठानाें में निरीक्षण हुआ था। इस दौरान पनीर, दूध, बेसन, मिठाई, खोवा, नमकीन आदि के 157 नमूने लिए गए। जांच रिपोर्ट मिली तो पता चला 17 खाद्य पदार्थों की पैकिंग पर सही सूचना नहीं अंकित की गई थी। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के अनुसार पैकेटों पर स्पष्ट और सही सूचना अंकित किया जाना जरूरी होता है।
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नौ लाख 11 हजार रुपये जुर्माना वसूला
खाद्य पदार्थों के नमूने मानक के अनुसार नहीं मिलने पर वर्ष 2022 में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अपर जिलाधिकारी न्यायालय में 70 वाद दाखिल किए थे, जिनमें से 58 का फैसला हो गया। इनसे नौ लाख 11 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया था।
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जांच टीम में ये लोग शामिल
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि त्योहार को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित कुमार पांडेय, रंजन श्रीवास्तव, रजनी मौर्या को टीम में शामिल किया गया। जांच टीम अलग अलग क्षेत्रों में भ्रमण कर छापा डालकर नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजती है।
ऐसे करें खाद्य पदार्थों की पहचान
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सदर अमित कुमार पांडेय ने बताया कि इन विधियों से खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान खुद ही की जा सकती है। दूध में पानी होने पर किसी समतल प्लेट पर दूध की कुछ बूंदें डालें, सतह को टेढ़ा करें, यदि दूध की बूंद धीरे-धीरे ढलान की ओर जाए और पीछे सफेद लकीर छोड़े तो इसमें पानी नहीं मिला होता है। पनीर की पहचान करने के लिए पनीर को पानी में उबालकर इसमें कुछ बूंदें आयोडीन टींचर डालने पर यदि पनीर कर रंग नीला हो जाए तो वह मिलावटी होता है। हल्दी की पहचान के लिए एक चम्मच हल्दी पाउडर में पानी मिलाकर कुछ बूंदे हाइड्रोक्लोरिक एसिड की डालें, बुलबुले उठे तो उसमें मिलावट होती है। देसी घी की पहचान के लिज्ञी की कुछ बूंदों में आयोडीन मिलाने पर यदि रंग नीला हो जाए तो उसमें मिलावट होती है।
दिवाली को देखते जांच टीम बनाई गई है। 27 नमूनों को जांच के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद वाद दाखिल किया जाता है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए समय-समय पर जांच की जाती है।
बृजेंद्र शर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय
फोटो
त्योहार को देखते हुए मिठाई की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस बार अच्छा कारोबार होने उम्मीद है। तैयारी बेहतर ढंग से की जा रही है।
गुड्डू तिवारी, मिठाई कारोबारी
मिलावट की आशंका को देखते हुए हर साल दिवाली पर ड्राई फ्रूट खरीदता हूं। यहीं उपहार में भेजता हूं क्योंकि त्योहार में मिलावट ज्यादा होती है।
महेंद्रानंद जायसवाल, उपभोक्ता, गांधी नगर
मिलावटी खाद्य पदार्थ हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनसे पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। एसिडिटी, जौंडिस आदि का खतरा रहता है। किडनी और लीवर पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। ये खराब भी हो सकते हैं। सबसे ज्यादा असर बच्चों और वृद्ध पर पड़ने की आशंका रहती है। ब्लड प्रेशर और हृदय रोगी को ज्यादा दिक्कत होती है।
डॉ. एवी त्रिपाठी, जनरल फिजिशियन, जिला अस्पताल
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