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Maharajganj News: भागलपुर में चला रहे थे धोखाधड़ी का धंधा

Fri, 14 Jun 2024 04:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। ऑनलाइन जालसाजी करने वाले 14 युवकों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उनके काले कारनामों के बारे में एक-एक कर जानकारी हो रही है। छह माह पहले बिहार के भागलपुर में धोखाधड़ी का धंधा चला रहे थे। प्रयागराज में गिरफ्तार आरोपियों से इनके तार जुड़े होने की जानकारी मिली थी। जालसाज सब कुछ इतनी सफाई से कर रहे थे की पकड़ से दूर रहे। प्रयागराज में जालसाज हाथ लगे तो इनके बारे में पुलिस को इनपुट मिला। कोल्हुई थाना क्षेत्र के बभनी बुजुर्ग गांव में जालसाजों का धंधा तीन माह से चल रहा था। पुलिस ने छापा डाला तो इनके काले कारनामे सामने आ गए।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, जालसाजों ने कोल्हुई क्षेत्र में तीन माह पहले अपना धंधा शुरू किया था। सोशल मीडिया प्लेटफार्म के अलावा जालसाजों ने बातचीत के जरिए भी युवाओं को गुमराह करने की कोशिश की। बिहार में इनकी पोल खुलने वाली थी तो अपना क्षेत्र बदलकर धंधा शुरू कर दिया। करोड़ों का चूना लगाने के बाद ये कोल्हुई क्षेत्र में पहुंचे थे। बख्तीयारपुर जिला पटना राज्य बिहार का रहने वाले रोशन की पहचान सबसे पहले गाजीपुर के कपुरपुर गांव के शुभम से हुई थी। इन्हीं दोनों ने मिलकर नेटवर्क बनाया।
गोरखपुर व महराजगंज से युवाओं को जालसाजी में जोड़कर काले कारनामे को आगे बढ़ाया। उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ व बिहार के विभिन्न जनपदों में यह गैंग साइबर फ्राड करता था। बेरोजगार युवा इनके निशाने पर रहते थे। युवाओं को नौकरी का झांसा देकर रकम ऐंठकर किनारे हो जाते थे। महराजगंज जिले में भी जालसाजों से कई लोगों को चूना लगाया है। इनके मिले इनपुट के आधार पर पुलिस मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है।
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जालसाजों से पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। जल्द अमिर बनने की चाह में गिरफ्तार युवा अपराध के दलदल में फंस गए। इसमें कदम फंसा तो पिछे मुड़कर नहीं देखा। जालसाजों ने करोड़ों का वारा न्यारा किया है। रकम कहां है, किसके पास है, पुलिस इसके बारे में जानकारी हासिल कर रही है। लुभावने ऑफर देकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे।
पूछताछ में जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक बड़ी नौकरी नहीं, छोटी-मोटी नौकरी से 25 से 30 हजार रुपये कमाने का झांसा देते थे। इसमें आसानी से युवा फंस जाते थे। रकम ऐंठने के बाद अपना कोई सुराग नहीं छोड़ते थे। यानी जिस नंबर से फोन करते थे, उसपर दुबारा फोन भी नहीं जाता था। ऐसे में ठगी का शिकार होने वाले युवा चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे थे। पुलिस की जांच में कुछ अहम सुराग मिलने वाले हैं। कहीं ऐसा तो नहीं है कि इनके तार नेपाल से जुड़े हैं।
ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें
किसी भी व्यक्ति के साथ अपने बैंक डिटेल, एटीएम कार्ड नंबर और कार्ड की एक्सपायरी एवं कार्ड पर पीछे लिखे तीन डिजिट के सीवीवी नंबर को शेयर न करें। किसी अपरिचित नंबर से आपके पास फोन मैसेज या व्हाट्सएप मैसेज पर कोई लिंक या फोटो आए तो उस पर क्लिक न करें। नेटवर्क को 5जी नेटवर्क में शिफ्ट करवाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों से बचें। अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों की फोटो को सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम पर डीपी के रूप में प्रयोग कर धोखाधड़ी कर रहे हैं, सावधान रहें। व्हाट्सएप पर किसी भी अज्ञात नंबर से आई किसी भी प्रकार की वीडियो या ऑडियो कॉल को रिसीव ना करें। ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
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