टेढ़ी गांव के 22 परिवारों को किसी छांव का इंतजार
महराजगंज। न पहनने के लिए कपड़े.. न रहने के लिए घर की छांव.. न खाने के लिए अनाज... तपती दोपहरी में टेढ़ी गांव के 22 परिवार खुले आसमान के नीचे गुजार बसर कर रहे हैं। झुलसाने वाली धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों के बीच ये लोग किसी मददगार छांव का इंतजार कर रहे हैं। कहीं से कुछ मदद मिल जाय तो रहने के लिए तिरपाल आदि की व्यवस्था कर लें। भोजन के लिए अनाज और पहनने के लिए कपड़े खरीद लें।
पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के जंगल में टेढ़ी गांव में 24 अप्रैल को हुए भीषण अग्निकांड ने 22 परिवारों को न केवल बेघर कर दिया, बल्कि पूरी गृहस्थी को राख कर दिया। सभी दोपहरी में किसी पेड़ के नीचे किसी तरह दिन काट कर रहे हैं। रात में गर्मी से राहत मिल जाती है, लेकिन झुलसाने वाली गर्मी में दिन काटना मुश्किल हो जाता है। प्रशासन से इन्हें कोई मदद नहीं मिली है। कोई समाजसेवी और नेता भी हालचाल पूछने नहीं पहुंचा है। अभी तक यदि कुछ मिला है तो वह है आश्वासन।
अग्नि पीड़ित उमेश, गगन, जोगेंद्र, नरेश, सिगार, राम किशुन, कीर्तन, पंकज के परिवार वालों के सिर पर तिरपाल तक नहीं है। इन लोगों ने बताया कि तहसील से अधिकारी आए थे। नुकसान का विवरण लिखकर ले गए। इसके बाद से नहीं आए। पीड़ितों ने कहा कि दिन में एक-एक पल गुजारना मुश्किल हो गया है। रात में किसी तरह पेड़ के नीचे वक्त गुजर जा रहा है। पीड़ित परिवारों के पास न तो ओढ़ने-बिछाने के लिए कुछ है और न पहनने के लिए कपड़े हैं। खाने आदि का सामान भी नहीं है। आसपास के ग्रामीण पीड़ित परिवारों को भोजन आदि की मदद कर रहे हैं। दुख भरी घड़ी में ढांढस भी बंधा रहे हैं।
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कुछ लोगों ने अनाज एकत्रित करके पीड़ित परिवारों में वितरित किया है। प्रशासन की तरफ से मदद देने के लिए आश्वासन मिला है। पीड़ितों के लिए भोजन का इंतजाम किया गया है।
- कुसमावती देवी, ग्राम प्रधान
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पीड़ितों की मदद के लिए नुकसान का आकलन किया जा चुका है। जल्दी ही हर संभव मदद की जाएगी। लेखपाल को जरूरी दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं। जल्दी ही उनकी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
- रामसजीवन मौर्य, एसडीएम