कतार में खड़े मतदाताओं का मूड भांपने में जुटे रहे प्रत्याशी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। मतदाताओं की खामोशी ने प्रत्याशियों की नींद उड़ा दी। बृहस्पतिवार को बूथों पर कतार में खड़े मतदाताओं का मूड भांपने में प्रत्याशी या उनके समर्थक जुटे रहे। दिनभर कयासबाजी होती रही। सुबह से लेकर शाम तक मतदाता आराम से वोट डालते रहे, लेकिन वह किधर जा रहे हैं, किसी को सटीक जानकारी नहीं हो सकी।
शहर में वोट डालकर बूथों से बाहर आने वाले मतदाता भी घूमा फिर कर लोगों का चेहरा देखकर अपने विचारों को व्यक्त किया। सामने वाला व्यक्ति जिस विचारधारा से प्रेरित होकर बातें कर रहा था, उसी के हिसाब से मतदाताओं ने बात की। खामोशी के साथ मताधिकार का प्रयोग करने वाले मतदाता किसी को कुछ सटीक नहीं बता रहे थे।
दिनभर तरह-तरह की बातें होती रहीं। सभी अपने-अपने प्रत्याशी को आगे बता रहे थे। अल्पसंख्यक मतदाता किधर जा रहे हैं, उनका झुकाव भी पता लगाने की कोशिश की गई, लेकिन सटीक जानकारी नहीं मिली। शहर में 25 वार्डों के मतदाताओं ने संबंधित बूथ पर पहुंचकर मतदान किया। शहर के वरिष्ठ होम्योपैथ चिकित्सक हेंमत श्रीवास्तव कहते हैं कि लोकतंत्र में मताधिकार बहुत बड़ा हथियार है। इसकी ताकत से मजबूत सरकार का गठन होता है। सभी अपनी मर्जी से चुनाव करते हैं। खामोश होकर लोग अपने प्रत्याशी को चुन लेते हैं, किसी को कुछ पता भी नहीं चलता है।
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रोज हाल चाल पूछते थे, कल कोई नहीं पूछेगा
मतदाता महुअवा चौराहे पर बैठकर कुछ चर्चा कर रहे थे। सभी यह कह रहे थे कि चुनाव तो हो गया। बीते दिनों प्रत्याशी खूब हालचाल ले रहे थे। चुनाव बीतने के बाद कोई नहीं पूछेगा। अब तो उनका मतलब निकल गया।
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मतदाताओं का रुझान जानने के लिए करते रहे फोन
जिले में नेता स्वयं या अपने लोगों से एक-दूसरे के पास फोन करा रहे थे। सभी यही जानने का प्रयास कर रहे थे की किसका पलड़ा कहां भारी है। सभी अपने हिसाब से समीकरण बना रहे थे। इस चुनाव में सभी पार्टियों के दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी रुझान जानने में जुटे रहे।