कमासिन खुर्द गो आश्रय केंद्र प्रभारी को कड़ी फटकार, दायित्व के प्रति सचेत रहने की हिदायत
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। पनियरा क्षेत्र में कमासिन खुर्द में विशेष सचिव कृषि उत्पादन आयुक्त नरेंद्र प्रसाद पांडेय पहुंचे तो नांद में चारा नहीं दिखा। उन्होंने पूछा कि नांद में चारा, पानी क्यों नहीं है भाई। इस पर वहां उपस्थित कर्मी हकलाने लगा। वह सटीक जवाब नहीं दे सका तो उन्होंने केंद्र प्रभारी को कड़ी फटकार लगाते हुए दायित्व के प्रति सचेत रहने चेतावनी दी। पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था में लापरवाही होने की दशा में कड़ी कार्रवाई करने की बात कही।
विशेष सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार गो आश्रय केंद्र पर छुट्टा पशुओं को खाने के लिए चारा, पानी, भूसा, दाना आदि व्यवस्था की गई। जमीनी हकीकत जानने के लिए आया हूं। सरकार की मंशा है कि जहां भी छुट्टा पशु दिखाई दे रहे हैं, उसे गो सदन में रखा जाए। उन्हें खाने के लिए हरी घास, दाना-पानी, साफ-सफाई की व्यवस्था की जाए।
इसी तरह विशेष सचिव ने गो आश्रय केंद्र चन्दन चाफी की जांच की। यहां पहुंचे तो गोबर हटाया नहीं गया था। पशु इधर-उधर दिखे। उन्होंने मौके पर मौजूद कर्मियों को व्यवस्था में सुधार लाने की चेतावनी दी। इस मौके पर डॉ. अतुल कुमार सिंह, रामायन सिंह, वीरेंद्र त्रिपाठी, कपिल देव निषाद आदि मौजूद रहे।
आश्रय स्थलों की बदहाली को कराएं दूर
विकास भवन सभागार में बैठक के दौरान विशेष सचिव ने दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। पशुओं के आश्रय के लिए बनाए गए स्थलों पर सुधार की काफी संभावना है। प्रधान व सचिव व्यवस्था को दुरुस्त रखें। विभागों के अधिकारी भी नियमित रूप से इसे देखें तथा कमियों पर उसके सुधार की पहल करें। जिला विकास अधिकारी व जिला पंचायत राज अधिकारी भी व्यवस्था में सुधार का पर्यवेक्षण करें।
ये निर्देश विशेष सचिव कृषि उत्पादन आयुक्त नरेंद्र प्रसाद पांडेय ने विकास भवन सभागार में विभागीय कर्मियों के साथ बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि पशुओं के चारा-पानी का भी बेहतर प्रबंध किया जाए।
सदर ब्लॉक के चेहरी में प्रधान व सचिव की ओर से सामने आई लापरवाही को देखते हुए उन्होंने जिला विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि वे ग्राम सचिवों व प्रधानों को इस दिशा में बता दें, भविष्य में शिथिलता पर कार्रवाई होगी। जिला पंचायत राज अधिकारी को भी गांव में भ्रमण करते हुए कमियों को दूर कराने को कहा। अपर मुख्य अधिकारी को निर्देशित किया कि कांजी हाउस की व्यवस्था को दुुरुस्त कराने का कार्य करें।
पशु चिकित्सा विभाग के डाॅक्टरों समेत सभी को निर्देशित किया कि वे पशु आश्रय स्थलों का निरीक्षण करते हुए गो आश्रय पोर्टल पर उसका विवरण दर्ज करें। मांगी गई सूचनाओं को भी उसमें अपलोड किया जाए। इस दौरान डीडीओ आरके पांडेय, डीपीआरओ यावर अब्बास, अपर निदेशक जीके सिंह, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके गिरी आदि मौजूद रहे।