धन व श्रमदान कर ग्रामीण बना रहे बांध
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ठूठीबारी (महराजगंज)। बाढ़ के दिनों में झरही नदी के पानी से हर साल क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो जाती है। कोई ठोस उपाय न किये जाने पर नौडिहवां के ग्रामीणों ने स्वयं रकम खर्च कर व श्रमदान करके नदी के किनारे एक किलोमीटर तक बांध के निर्माण का काम शुरू कर प्रशासन को आइना दिखाया है।
नौडिहवां गांव के रामनरेश कहते हैं कि कई बार तहसील दिवस और एसडीएम से बांध बनवाने की मांग की गई, लेकिन अधिकारियों ने बात नहीं सुनी। इसके बाद सभी लोगों ने इस मसले पर विचार-विमर्श किया और बांध के निर्माण में जुट गए। नौतनवां ब्लॉक के ग्राम सभा खैरहवा जंगल टोला नौडिहवां गांव के पूरब मिश्री के घर के बगल से महबूब के खेत तक लगभग 150 मीटर लंबा व चार मीटर चौड़ा चकरोड बहुत पहले से बना हुआ है। उससे कुछ दूरी पर नेपाल के पहाड़ों से होकर झरही नदी बहती है। मुस्तफा देवान ने बताया कि नदी के पश्चिम तटबंध पर बंधा न होने से हर साल क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों एकड़ धान की फसल बाढ़ के पानी से बर्बाद हो जाती है। ग्रामीणों ने रामनयन यादव के नेतृत्व में गांव में बैठक की। जिसमें महबूब के खेत से रामकृपाल के खेत तक लगभग एक किलोमीटर की दूरी में 4 मीटर चौड़े बांध के निर्माण पर सहमति बनी। इसके बाद किसानों ने अपने खर्च से श्रमदान कर बांध के निर्माण का काम शुरू कर दिया। इस बीच दो दिनों से 35 ग्रामीणों ने बंधे के निर्माण श्रमदान किया है। श्रमदान करने वाले किसानों का कहना है कि बंधे के निर्माण में लगभग 3 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। गांव के सूबेदार यादव, हमीदुल्लाह, गौरी शंकर, नसीब, अली हसन, सदरे आलम आदि ने खुशी जताई।