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Maharajganj News: सरकारी धन के दुरुपयोग पर ग्राम प्रधान के वित्तीय-प्रशासनिक अधिकार सीज

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महराजगंज। विकास खंड लक्ष्मीपुर की ग्राम पंचायत सिसवनिया विशुन में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कराए गए कार्यों में वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जांच में कुल 6,37,254 रुपये की शासकीय धनराशि के दुरुपयोग की पुष्टि होने पर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने ग्राम प्रधान मुराती देवी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया है। तत्कालीन ग्राम सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी की गई।
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जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी किए गए पत्र के अनुसार, यह कार्रवाई ग्राम पंचायत सिसवनिया विशुन के ग्रामीणों घनश्याम, बैजनाथ, कृपाशंकर, शिवकुमार सहित अन्य द्वारा की गई शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि पंचायत में मनरेगा के अंतर्गत कराए गए कुल 48 कार्यों में नियमों की अनदेखी कर शासकीय धन का दुरुपयोग किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने प्रारंभिक जांच के लिए परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) रामदरश चौधरी को जांच अधिकारी नामित किया। जांच आख्या में कुल 48 में से 44 बिंदुओं पर शिकायत असत्य पाई गई, जबकि चार मामलों में वित्तीय अनियमितता सिद्ध हुई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि एक ही सड़कों पर तीन वर्ष से कम अवधि में बार-बार मिट्टी कार्य कराए गए, जो मनरेगा के (स्थायित्व) मानकों का उल्लंघन है। नियमों के अनुसार एक बार कराए गए कार्य की निर्धारित अवधि से पहले उसी प्रकृति का कार्य दोहराया जाना प्रतिबंधित है।
जांच में जिन चार कार्यों में अनियमितता पाई गई, उनमें राजेंद्र के खेत से सोनवल सिवान तक चकबंध कार्य में 1,32,710 रुपये, सुरेश के खेत से बेलवा जंगल तक कराए गए कार्य में 1,14,100 रुपये, बृजलाल के खेत से मदरहना सिवान तक मिट्टी कार्य में 2,77,438 रुपये, किशुन मिश्री के खेत से थरौली सिवान तक कराए गए कार्य में 1,13,006 रुपये की धनराशि वसूली योग्य पाई गई। इन चारों मदों को मिलाकर कुल 6,37,254 रुपये का दुरुपयोग सिद्ध हुआ।
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मामले की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें ग्राम प्रधान और तत्कालीन सचिव को दोषी ठहराया गया। इसके बाद तत्कालीन सचिव रामनाथ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। वहीं ग्राम प्रधान एवं सचिव द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण को प्रशासन ने असंतोषजनक माना। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच आख्या के आधार पर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान मुराती देवी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर को अंतिम जांच तक करने का आदेश दिया। आदेश के अनुसार अब ग्राम पंचायत के कार्यों का संचालन तीन सदस्यीय समिति करेगी।

ग्राम पंचायत सिसवनिया विशुन में मनरेगा योजना के तहत कराएं गए मिट्टी कार्य में बरती गई अनियमितता के मामले में कार्रवाई की गई है। जांच में कुल 6 लाख 37 हजार 254 रुपये की शासकीय धनराशि के दुरुपयोग की पुष्टि होने पर ग्राम प्रधान मुराती देवी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। इसके साथ ही तत्कालीन ग्राम सचिव के खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति भी की गई है।
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संतोष कुमार शर्मा, जिलाधिकारी
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