संवेदनशील डोमरा-जर्दी बांध की चौकसी बढ़ी
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महराजगंज। जिले के सभी संवेदनशील बंधों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। सर्वाधिक संवेदनशील डोमरा-जर्दी बांध पर जनरेटर लगाकर निगरानी बढ़ा दी गई है। पिछले साल अगस्त में आई बाढ़ से डोमरा-जर्दी बांध सात स्थानों पर टूट गया था।
वर्ष-2007 में भी डोमरा-जर्दी बांध टूटने से हरखपुरा गांव के पास नाव पलटने से 27 लोगों की मौत हो गई थी। ऐसे में डोमरा-जर्दी बांध को अति संवेदनशील मानकर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन से पूरी तैयारी कर ली है। संवेदनशील बंधों की निगरानी के लिए संबंधित विभाग के कर्मचारियों की तैनाती की गई है। प्रशासन अति संवदेनशील 21 किलोमीटर लंबे डोमरा-जर्दी बंधे पर चौबीस घंटे पेट्रोलिंग करा रही है। बंधे के पास रहने वाले ग्रामीणों की सुविधा के लिए दो स्थानों पर जनरेटर लगाए गए हैं। पिछले साल अगस्त में आई बाढ़ की वजह से डोमरा-जर्दी बांध सात स्थानों पर टूटा था। सबसे पहले बड़हरा लाला गांव के पास, इसके बाद सुचितपुर बघौना, तेंदुअहिया, डोमरा गांव के बरदहिया के पास, डोमरा के अकटहवा गांव के पास तथा अकटहवा-नरकटहां के बीच दो स्थानों पर बांध टूटा गया था। सिंचाई खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बंधे पर डोमरा तथा अनंतपुर बंधे पर जनरेटर लगाए गए हैं। उधर, एसडीएम सदर मदन कुमार ने शुक्रवार को चेहरी व डोमरा-जर्दी बांध का निरीक्षण किया। बाढ़ के लिए संवेदनशील गांवों में भेजी गई नावों को भी देखा। एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा कि जो नाव भेजी गईं हैं, उसपर तारकोल आदि लगाकर ठीक रखा जाए। एक साथ निरीक्षण पर निकले एसडीएस मदन कुमार व नायब तहसीलदार सुनील कुमार ने बताया कि डोमरा-जर्दी तथा चेेहरी बांध के निरीक्षण के दौरान बंधों पर मरम्मत कार्य होते देखा गया। बरसात से हुए रेनकट्स व दबी हुई मिट्टियों को भरवाने तथा झाडि़यों को कटवाने का कार्य कराया जा रहा था। इसके बाद चेहरी, सुचितपुर बघौना तथा मुजुरी गांव में बाढ़ बचाव को भेजी गई नावों के बारे में भी जानकारी हासिल की। इस दौरान एसडीएम ने संबंधित ग्रामीणों से कहा कि नाव में तारकोल पोतवा कर भंलीभांति चेक कर लें, अगर कोई कमी हो तो उसे अवगत कराएं। ताकि बाढ़ आने के बाद कोई समस्या न आने पाएं। उन्होंने कहा कि सदर तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में 23 नाव भेजी गई है। इन सभी नावों को दुरूस्त रखने तथा बाढ़ आने पर नाविको को बुलाने के लिए उनके नाम व मोबाइल नंबर जानने के लिए कहा।