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Maharajganj News: किसान से रिश्वत लेते चकबंदी लेखपाल का वीडियो वायरल, जांच के आदेश

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मुख्यमंत्री पोर्टल पर किसान ने की शिकायत
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एक लाख रिश्वत लेने और फिर अतिरिक्त रकम मांगने का लगाया आरोप
लक्ष्मीपुर। पुरंदरपुर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत विशुनपुर कुर्थिया में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान कथित रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया वायरल एक वीडियो में चकबंदी लेखपाल द्वारा किसान से रुपये लेने की बात सामने आई है। वीडियो वायरल होने के बाद जिला चकबंदी अधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।

पीड़ित किसान जयप्रकाश पांडेय ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उनके चक संख्या 151 में लगभग आठ एकड़ कृषि भूमि है। चकबंदी के दौरान लेखपाल ने गांव के कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उड़ान चक लगाकर उनकी भूमि का स्वरूप बदल दिया और उनके खेत को चकरोड से हटाकर पीछे कर दिया, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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किसान का आरोप है कि जब उन्होंने अपने खेत को पूर्ववत सही स्थान पर करने की मांग की तो लेखपाल ने इसके बदले एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायत के अनुसार, मजबूरी में उन्होंने पहले 70 हजार रुपये दे दिए लेकिन इसके बावजूद खेत की स्थिति में कोई सुधार नहीं किया गया।
किसान का कहना है कि बृहस्पतिवार को वह दोबारा लेखपाल से मिले और शेष 30 हजार रुपये भी उन्हें सौंप दिए। इसके बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। किसान का आरोप है कि लेखपाल अब फिर से 70 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग कर रहे हैं। लगातार धन की मांग और कथित उत्पीड़न से परेशान होकर उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर न्याय की गुहार लगाई है।
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब कथित रुपयों के लेनदेन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो वायरल होने के बाद चकबंदी विभाग में भी हलचल मच गई। स्थानीय लोग मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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वर्जन

वायरल वीडियो और शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वीडियो की सत्यता, शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- नवीन गोयल, जिला चकबंदी अधिकारी
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