शाकाहारी भोजन दीर्घायु निरोगी जीवन का मूल मंत्र : बाबा उमाकांत
महाराजगंज। शाकाहारी भोजन व्यक्ति को दीर्घायु निरोगी जीवन का मूल मंत्र है। इसे हर हाल में ग्राह्य करने की आवश्यकता है। मनुष्य शरीर एक मंदिर है। शराब और मांस डाल इसे गंदा न करें। बाबा जयगुरुदेव महाराज के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी बाबा उमाकांत महाराज ने शनिवार को जवाहर लाल नेहरू पीजी कॉलेज परिसर में आयोजित सत्संग के दौरान यह विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा मानव जीवन को सफल बनाने के लिए शाकाहारी जीवन के महत्व को आज समझना होगा। क्योंकि, भूकंप, महामारी, अति विशिष्ट प्रकार की व्याधियों से बचना होगा। भारत ही नहीं दुनिया के अन्य देश अमेरिका, ब्रिटेन, मारीशस, हांगकांग, मलेशिया, कतर, इंडोनेशिया आदि देशों में शाकाहारी संदेश दिया जा रहा है। सत्संग और नामदान कार्यक्रमों में शाकाहारी बनने के लिए प्रेरित किया जाता है।
संत उमाकांत महाराज ने कहा कि जीवन जीने के लिए शाकाहारी होने का जिसने संकल्प लिया, वह दीर्घायु निरोगी जीवन जीता है। उन्होंने अपराध शराब को छोड़ने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आत्मा का परमात्मा से मिलन ही सत्संग है। बाबा जय गुरुदेव ने कहा था कि मनुष्य का शरीर ही एकमात्र ऐसा है जो मालिक तक पहुंचा सकता है।
ऋषि, मुनि, पैगंबर समय-समय पर मार्गदर्शन करते रहे हैं। इस दौरान सत्संग के आयोजक/ जयगुरुदेव संगत के संरक्षक डॉ. बलराम भट्ट, विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, सदर विधायक जय मंगल कनौजिया, नगर पालिका अध्यक्ष कृष्ण गोपाल जायसवाल, पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर डीएन पांडेय, विजय बहादुर सिंह, राहुल सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा अरुण शुक्ला, पूर्व प्राचार्य अजय मिश्र आदि मौजूद रहे।