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नेपाल सीमा पर फिर रोकी गई भारतीय फल-सब्जियां लदी गाड़ियां

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फिर रोकी गईं भारतीय फल-सब्जियां लदी गाड़ियां
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महराजगंज। नेपाल सरकार के नए फरमान के बाद नेपाल कस्टम ने भारतीय फल-सब्जियों की गाड़ियों को फिर रोक दिया है। अब भारत से वही फल और सब्जियां नेपाल भेजी जा सकेंगी जिसे लैब टेस्ट में हरी झंडी मिलेगी। नेपाल सरकार ने गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद यह आदेश जारी किया। यह फैसला जनता में विरोध व फल और सब्जियों में केमिकल मिलने की शिकायत के मद्देनजर उठाया गया है। नेपाल सरकार के इस नए आदेश से फिर से भारतीय सब्जी और फल कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश डॉ. आनन्द मोहन ने ज्योति बनिया की शिकायत पर बहस के दौरान नेपाल सरकार के मंत्रिमंडल के फैसले को गलत ठहराया। साथ ही भारत से आने वाले फल और सब्जियों का परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय के आदेश के बाद सरकार ने सभी भंसार कार्यालय को नजदीक की प्रयोगशाला में लैब टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को भैरहवा भंसार कार्यालय पहुंची भारतीय फल-सब्जियों की गाड़ियों को रोककर बुटवल की प्रयोगशाला में जांच के लिए फल और सब्जियों के नमूने भेजे गए। कस्टम चीफ कमल भटराई ने बताया कि सरकार के निर्देश पर भारतीय फल-सब्जियों की जांच सरहद से 20 किमी दूर नई प्रयोगशाला विषादी अवशेष दूत विश्लेषण इकाई बुटवल में होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद जो फल और सब्जी खाने योग्य होगी, उन्हीं को पास किया जाएगा।
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इनसेट
व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ीं
महराजगंज। भारत-नेपाल की सोनौली सीमा से प्रतिदिन छोटे-बड़े सैकड़ों मालवाहकों से फल और सब्जियां भेजी जाती हैं। ये भारत में कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कानपुर, बस्ती, बनारस, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज आदि जिलों से आती हैं। व्यापारियों का कहना है कि दूर के सफर में 20 प्रतिशत माल तो रास्ते में ही खराब हो जाते हैं। अब नेपाल सरकार के इस फैसले से छोटे व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। रोक हटने के बाद आर्डर दिया गया था पर सरहद पर पहुंचने से पूर्व ही फिर रोक लग गई। अब तो व्यापारी नेपाल के नाम पर उधार देना ही बंद कर देंगे।
इनसेट
कब-क्या हुआ
21 जून : नेपाल सरकार ने भारतीय फल-सब्जियों पर टेस्ट के नाम पर रोक लगाई
23 जून : लैब टेस्ट के लिए काठमांडू भेजे जाने लगे नमूने
5 जुलाई : मंत्रिमंडल की बैठक में लैब टेस्ट की अनिवार्यता वापस ले ली गई
7 जुलाई : सभी भंसार कार्यालयों को फल-सब्जियों को पूर्ववत पास करने के लिए पत्र जारी
8 जुलाई : सरकार के इस फैसले के खिलाफ नेपाली उपभोक्ताओं ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया
9 जुलाई : नेपाल छात्र संघ ने इसके विरोध में नेपाल में विरोध प्रदर्शन किया
10 जुलाई : सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को पुन: प्रयोगशाला में जांच कराने का निर्देश दिया
11 जुलाई : सरकार ने फिर भारतीय फल-सब्जियों को लैब टेस्ट के नाम पर रोकना शुरू कर दिया
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