वीर बहादुर सिंह मेमोरियल महाविद्यालय में बुधवार को पूर्व सीएम वीर बहादुर सिंह की जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि सांसद महंत आदित्यनाथ अपने संबोधन में पनियरा की जनता से पूर्व मुख्यमंत्री के सपने सच करने के लिए उनके पुत्र जितेंद्र बहादुर सिंह को मौका देने की अपील कर गए।
महंत आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते हुए सर्वप्रथम वीरबहादुर सिंह ने अयोध्या मंदिर में लगे ताले को खुलवाने का कार्य किया। अगर वह जीवित रहते तो भारत के प्रधानमंत्री होते और पूर्वांचल का पिछड़ापन को दूर कर चुके होते। वह सही मायने में विकास पुरुष थे।
देश के अंदर जहां भी उनके शुभचितंक होंगे वो आज के दिन को नहीं भुलेंगे। वह बिना किसी के आगे झुके, बिना डिगे राजनीतिक क्षेत्र में आदर्श कायम किया। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा हुए कहा कि पनियरा क्षेत्र के विकास के लिए जितेन्द्र बहादुर सिंह का आप लोग साथ दें। यह एक अच्छे स्वभाव और ईमानदार व्यक्ति हैं।
इसी तरह के लोंगो को अपना प्रतिनिधि चुनना चाहिए। जितेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि पिता के अधूरे कार्यों को पूरा करूंगा। पिता जी ने पनियरा क्षेत्र में नहरों का जाल बिछाया और अकटहवा पुल, मछलीगांव को पनियरा में जोड़ने के लिए पुल बनवाया। कार्यक्रम का शुभारंभ छात्राओं ने राष्ट्रीय गीत गाकर किया।
प्रमोद यादव ने लोकगीत से सबको सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के अन्त में गरीबों में कंबल वितरित किया। कार्यक्रम को छोटेलाल, जयनाथ सिंह, डीएन सिंह, विरेन्द्र सिंह प्रधान नरकटहॉ व अशोक यादव ने संबोधित किया। संचालन संजय पति त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर प्रबंधक विक्रम बहादुर सिंह, प्राचार्य सुरेश यादव, राणा अमरजीत सिंह, सुग्रीव प्रसाद आर्या, संजय पासवान आदि मौजूद रहे।