महराजगंज। यूपी बोर्ड की परीक्षा में इस बार नकल और पर्चा आउट करने की कवायद मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन होगी। एआई तकनीक, सीसीटीवी मानिटरिंग और रात्रिकालीन दस्ते को भेदना तो दूर प्रयास भी नकल विरोधी अधिनियम के दायरे में पहुंचाने का कार्य करेगा।
यूपी बोर्ड की परीक्षा कल से कड़े इंतजाम के बीच प्रारंभ होगी, जिसमें जनपद से 72600 परीक्षार्थी हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा में शामिल होंगे। इनके लिए 111 परीक्षा केंद्र बने हैं जहां बड़े पैमाने पर सख्ती के इंतजाम होंगे। परीक्षा 24 फरवरी से 12 मार्च तक चलेगी। इस दौरान दिन ही नहीं बल्कि रात्रिकालीन उड़न दस्ता सक्रिय रहेगा।
यह दस्ता सिर्फ कागज में ही नहीं धरातल पर भी दिखेगा और प्रतिदिन 16 परीक्षा केंद्रों की रात्रिकालीन निगरानी की रिपोर्ट डीआईओएस को देगा जिसे डीआईओएस बोर्ड को उसी वक्त ऑनलाइन भेजेंगे। इसमें टाइमिंग की अनिवार्यता लागू होने के कारण त्वरित रिपोर्ट का प्रावधान प्रभावी रहेगा। इसके अलावा कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी करने वालों को ऑनलाइन हाजिरी लगानी होगी तभी उपस्थिति मानी जाएगी और उन्हें पारिश्रमिक मिलेगा।
क्षेत्रीय कार्यालय में जांचे जाएंगे ओएमआर शीट : बोर्ड परीक्षा में इस बार हाईस्कूल के विद्यार्थियों को 20 प्रश्नों के जवाब ओएमआर पर देने होंगे। परीक्षा की समाप्ति के बाद इसे बिना फटे और मुड़े पैकेट में सील कर संकलन केंद्रों पर अन्य उत्तर पुस्तिकाओं के साथ जमा करना होगा। 12 मार्च परीक्षा के आखिरी दिन संकलित सभी ओएमआर शीट क्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर भेजे जाएंगे और इनकी जांच वहीं होगी।