महराजगंज/सोनौली। भारत नेपाल से लगी सीमा क्षेत्र में किराएदारों के सत्यापन में खानापूरी की जा रही है। वहीं अवैध गोदामों की जांच भी ठीक ढंग से नहीं हो रही है।
पुलिस के मुताबिक सत्यापन पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है। सब कुछ सामान्य है। वहीं दूसरी ओर अवैध गोदामों की जांच भी ठीक से नहीं हो रही है। बीते कुछ माह पहले लाखों का कपड़ा बगैर जीएसटी के पकड़ा गया था। इसके बाद सीमावर्ती क्षेत्र में हडकंप मचा, लेकिन अधिकारियों के को नजर फेरते ही सब पहले की तरह से होने लगा है।
सूत्रों की माने तो सीमावर्ती क्षेत्र में किराएदारों का सत्यापन ठीक से नहीं हो रहा है। मकान में रहने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी नहीं हो रही है। सीमावर्ती इलाकों में छोटे कस्बों और चौक-चौराहों पर आधे से अधिक किराएदार बिना पुलिस सत्यापन के रह रहे हैं।
लोग फायदे के लिए घरों में किराएदार तो रख लेते हैं, लेकिन सत्यापन नहीं कराते हैं। कई मामलों में देखने को मिला है, जब नेपाल या भारत के किसी दूसरे प्रदेश से आकर किराएदार बने लोग अपराध करते हैं। इसके बाद भी न तो पुलिस सतर्क हो रही है और न ही लोग जागरूक हो रहे हैं। उधर, सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करों ने मकानों को गोदाम बना रखा है, जिसका अभी सत्यापन नहीं हुआ है। गोदाम में क्या रखा है।
जीएसटी विभाग में पंजीकृत है या नहीं या सिर्फ तस्करी के लिए गोदाम बनाया गया। इसकी जानकारी भी पुलिस को नहीं है। जनपद के सीमावर्ती थाना क्षेत्र के नौतनवा और सोनौली में पुलिस ने सत्यापन किया है। मकान मालिकों को चेतावनी भी दी है किराएदार रखे तो पुलिस को सूचित करें, जबकि कोतवाली परसामलिक और बरगदवा में पुलिस किराएदारों के सत्यापन कर रही है।
ऑनलाइन सत्यापन करना आसान : किराएदारों के सत्यापन के लिए किसी को भी कहीं जाने की आवश्यकता नहीं है। पुलिस विभाग के यूपीकाप एप पर कर्मचारियों का सत्यापन ऑनलाइन कराया जा सकता है। एप के प्रोफार्मा में जाकर कर्मचारी की डिटेल, उसका थाना क्षेत्र, उसके रेजीडेंसियल एड्रेस के बारे में जानकारी देनी होती है।
इसके बाद आईडी प्रूफ के रूप में जारी आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड को स्कैन कर डाउनलोड करना होगा।