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Maharajganj News: जब तक सूख नहीं रहे पंप...तब तक नहीं हट रहे कतार से

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रुद्रापुर से आगे एचपी पेट्रोल पंप पर तेल लेने के लिए लगी लोगों की कतार।  
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चिलचिलाती धूप में भी घंटों कतार में खड़े रह रहे लोग
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प्रशासन की एक ही रट- डीजल-पेट्रोल की भरपुर मात्रा में उपलब्ध
महराजगंज। जनपद में डीजल-पेट्रोल की किल्लत से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोग पेट्रोल पंपों पर तब तक कतार में खड़े रह रहे हैं जब तक कि पूरी तरह से डीजल-पेट्रोल खत्म नहीं हो जा रहे हैं। चिलचिलाती धूप में भी लोग घंटों कतार में खड़े रह रहे हैं। जबकि प्रशासनिक अधिकारी लगातार दावा कर रहे हैं कि डीजल-पेट्रोल भरपूर मात्रा में है।
रविवार को महराजगंज-गोरखपुर रोड पर कई पेट्रोल पंप सूखे पड़े थे। रुद्रापुर स्थित जीओ पेट्रोल पंप बंद था। उसके बगल में स्थित एचपी पेट्रोल पंप भी सूखा था। रविवार की सुबह करीब 9.30 बजे कड़ी धूप थी। रुद्रापुर के आगे एचपी पेट्रोल पंप पर तेल मिल रहा था। यहां पर बाइक सवारों की लंबी लाइन लगी हुई थी। लोग चिलचिलाती धूप में खड़े थे।
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धूप इस कदर थी कि लोग अपनी बाइक दूर छोड़कर खड़े हो गए थे। जब लाइन आगे बढ़ रही थी तो आगे बाइक को आगे बढ़ाकर फिर से छांव में खड़े हो जा रहे थे। वहीं डीजल के लिए किसान भी परेशान थे। जब तक लोग आश्वस्त नहीं हो जा रहे हैं कि पंप सूख चुके हैं लोग कतार से हट नहीं रहे हैं।
मिठौरा प्रतिनिधि के अनुसार,
एक ओर आसमान से आग बरस रही है तो दूसरी ओर खेतों में फसल लगाने की चिंता किसानों को चैन से बैठने नहीं दे रही। जिले में पारा 39 डिग्री के पार पहुंच चुका है। इसके बावजूद किसान ट्रैक्टर और गैलन लेकर डीजल पंपों पर लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। तपती सड़क, झुलसाती हवाएं और घंटों का इंतजार खेत की सिंचाई के लिए किसान यह सब झेल रहे हैं।
डीजल की किल्लत ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि जैसे ही किसी पंप पर डीजल आने की सूचना मिलती है, वे रात से ही लाइन में लग जाते हैं। कई किसान ट्रैक्टर लेकर पूरी रात पंप पर डटे रहते हैं, तब जाकर सुबह या दोपहर तक कहीं डीजल मिल पाता है। किसानों ने बताया कि कई बार 10 से 12 घंटे तक बिना खाए-पिए लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। रात में मच्छरों का आतंक और दिन में तेज धूप उनकी परीक्षा ले रही है। पंपों पर न तो पीने के पानी की समुचित व्यवस्था है, और न ही छांव की कोई सुविधा। महिलाएं और बुजुर्ग किसान भी इस समस्या से जूझते दिखाई दे रहे हैं।
क्षेत्र के किसान रामनरेश, हरिकेश और जगदीश ने बताया कि धान की नर्सरी और खेतों की सिंचाई का समय चल रहा है। यदि समय से डीजल नहीं मिला, तो खेत नर्सरी सूख जाने पर पूरी मेहनत बर्बाद हो सकती है। किसानों का कहना है कि पहले मौसम की मार और अब डीजल संकट ने उनकी कमर तोड़ दी है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल डीजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु कर किसानों को राहत दिलानी चाहिए, ताकि खेती-किसानी का कार्य प्रभावित न हो और किसानों को इस भीषण गर्मी में यूं दर-दर भटकना न पड़े।
नहरों में हो पानी तो डीजल की खपत हो जाएगी आधी
डीजल संकट को लेकर कृष्णानंदन पुरी के आवास पर सेनानी नगर में किसानों ने बैठक की। किसान शिव कुमार तिवारी, इमराली अली, शैलेष, सुग्रीव पूरी, सुधाकर शर्मा ने कहा कि डीजल संकट के कारण किसान परेशान हैं। इस मौके पर कृष्णानंदन पूरी ने कहा कि गंडक नदी के द्वारा निचलौल तहसील के अंतर्गत झुलनीपुर बैराज से बड़ी संख्या में छोटी बड़ी नहरें निकलती हैं। अगर इसमें पानी छोड़ दिया जाए तो डीजल की खपत आधी हो जाएगी। किसानों की परेशानी भी दूर हो जाएगी। क्योंकि नहरों में पानी आने से किसान आसानी से नर्सरी की सिंचाई कर सकेंगे। इससे उनकी फसल भी चौपट नहीं होगी और लंबी लाइन से छुटकारा भी मिल जाएगा।
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डीजल और पेट्रोल की बढ़ी खपत
जिलापूर्ति अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि जिले में डीजल-पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। सामान्य दिनों में डीजल 250 किलो लीटर और पेट्रोल 200 किलो लीटर की मांग और खपत है। वर्तमान समय में जनपद के समस्त पेट्रोल पंपों पर 973 किलो लीटर डीजल और 675 किलो लीटर पेट्रोल उपलब्ध है। अफवाह के कारण मांग बढ़ गई है। इसके चलते दैनिक मांग बढ़कर 426 किलो लीटर डीजल और 225 किलो लीटर पेट्रोल हो गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। जरूरत के अनुसार खरीदारी करें। अनावश्यक भंडारण न करें। अगर किसी भी व्यक्ति के पास डीजल-पेट्रोल का भंडारण मिलेगा तो कार्रवाई की जाएगी।
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