बूथों पर बुनियादी सुविधाएं नदारद
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सिसवा बाजार (महराजगंज)। जिले के सात निकायों में अध्यक्ष व सदस्य के चुनाव के लिए बुधवार को मतदान होगा। इस बीच मतदान के लिए बने कई बूथों पर बुनियादी सुविधाएं न होने से चुनाव ड्यूटी पर मंगलवार पहुंचे मतदान कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सिसवा नगर पंचायत में कुल 14 वार्ड हैं। जहां नौ मतदान केंद्रों पर 22 बूथ बनाए गए हैं। इन बूथों पर अध्यक्ष व सदस्य के चुनाव के लिए बुधवार को मतदान होगा। उधर, मतदान ड्यूटी पर मंगलवार को पहुंचे कई मतदान कर्मियों को परेशानी हुई। कई बूथों पर बदहाल शौचालय व कमरों के फर्श टूटे हुए दिखे। पीने के लिए शुद्ध पेयजल की भी व्यवस्था नहीं दिखी। कई बूथों पर दिव्यांग मतदाताओं के लिए बने रैंप भी क्षतिग्रस्त हैं। आवागमन के रास्ते भी खराब मिले। इसके चलते मतदान कर्मियों को ड्यूटी वाले बूथों तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। यह स्थिति तब थी कि निर्वाचन आयोग की तरफ से मतदान के लिए बनाए गए सभी बूथों पर रैंप, बिजली, पानी, शौचालय सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त करने का निर्देश दिया था।
ग्राम सभा सिसवां बुजुर्ग स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय की स्थिति ठीक नहीं थी। शौचालय गंदगी से पटा मिला। गन्ना विकास समिति में बने बूथ पर भी शौचालय बदहाल मिला और उसमें ताला लटका हुआ मिला। वार्ड संख्या 13 स्थित कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय तथा प्राथमिक विद्यालय में दिव्यांगों के लिए बना रैंप और फर्श टूटे हुए दिखे। यहां इंडिया मार्का हैंडपंप भी खराब था। हालांकि नगर पंचायत की तरफ से पानी के टैंकर की व्यवस्था की गई है। वहीं, प्रशासन की तरफ से निकाय चुनाव के मद्देनजर मंगलवार को आनन-फानन में विद्यालयों के दीवारों पर पेंटर के जरिए बूथ के नाम लिखवाए जा रहे थे। वार्ड नंबर 14 स्टेट चौक स्थित प्राथमिक विद्यालय प्रथम के भवन पर बूथ का नाम तक नहीं लिखा गया था। मतदान कर्मियों को सोने के लिए बिस्तर की व्यवस्था नहीं थी। जिसके कारण वे फर्श पर चादर बिछाकर लेटे हुए मिले। वार्ड संख्या चार स्थित संस्कृत पाठशाला में बने बूथ पर एक हैंडपंप है, जिससे दूषित जल निकल रहा था। वार्ड नंबर पांच जैनी छपरा में स्थित प्राइवेट विद्यालय में बने बूथ पर सब कुछ तो ठीक था लेकिन यहां पहुंचने के लिए रास्ते में सड़क क्षतिग्रस्त थी।
एसडीएम निचलौल देवेश कुमार गुप्ता का कहना है कि सभी बूथों पर पानी, बिजली, शौचालय व साफ-सफाई के लिए निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी भी बूथ पर लापरवाही की शिकायत मिली तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।