रेंदा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी में रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में 15 लाख से खरीदी गई अल्ट्रासाउंड मशीन शोपीस साबित हो रही है। अस्पताल आने वाले मरीजों को इस मशीन का कोई भी लाभ नहीं मिल रहा है। उन्हें मजबूरी में प्राइवेट में अधिक दाम देकर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है।
फरेंदा क्षेत्र में गोरखपुर-सोनौली राजमार्ग के किनारे स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी बेहद महत्वपूर्ण अस्पताल माना जाता है। जहां रोजाना करीब 300 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है। यहां दूरदराज से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीजों की समस्या को देखते हुए समाजवादी पार्टी के तत्कालीन विधायक विनोद तिवारी ने निधि से 15 लाख रुपये की लागत से अल्ट्रासाउंड मशीन की अस्पताल में व्यवस्था कराई, लेकिन करीब नौ वर्ष बीत जाने के बाद भी अस्पताल को एक रेडियालॉजिस्ट नहीं मिल सका।
इस कारण से अल्ट्रासाउंड मशीन बेकार पड़ी है। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों को भटकना पड़ता है। क्षेत्र के कमलावती देवी अपने रिश्तेदार की महिला को लेकर अस्पताल पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सारी सुविधा होने के बाद अल्ट्रासाउंड कराने के लिए बाहर प्राइवेट में जाना पड़ता है। जहां अधिक दाम वसूला जाता है। वहीं कुछ ही दूरी पर गर्भवती महिला ने बताया कि कस्बे में जाकर अल्ट्रासाउंड करा कर आ रही हूं। जहां अधिक दाम देना पड़ा है।
क्षेत्र के विनित मणि, महेश खेतान, रामकुमार, विनोद आदि ने बताया कि प्राइवेट दुकानों को रेडियालॉजिस्ट मिल जा रहे हैं, लेकिन विभाग को नहीं मिल रहे। इससे विभागीय उदासीनता दिख रही है।
रेडियालॉजिस्ट की मांग कई बार की जा चुकी है। अल्ट्रासाउंड मशीन चलाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शीघ्र संचालन हो जाएगा।
-डॉ. एमपी सोनकर, अधीक्षक