महराजगंज। फरेंदा थाना क्षेत्र में वर्ष 2001 में हुए मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में न्यायालय ने करीब 25 वर्ष बाद दो आरोपितों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों दोषियों को एक-एक दिन की न्यायिक अभिरक्षा और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में 30-30 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, थाना फरेंदा में 10 जुलाई 2001 को वादी मधुना देवी निवासी फरेंदा ने पिपराखल्ली गांव निवासी बरखू तथा त्रियुगी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराया था। आरोप था कि दोनों ने वादी के साथ गाली-गलौज, मारपीट की तथा जान-माल की धमकी दी। विवेचना के बाद 15 अगस्त 2001 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद 6 अगस्त 2026 को दीवानी न्यायालय फरेंदा ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने प्रत्येक अभियुक्त को एक-एक दिन की न्यायिक अभिरक्षा के साथ एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। यदि अर्थदंड जमा नहीं किया जाता है तो दोनों को 30-30 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।