महराजगंज। मंगलवार को जवाहर लाल नेहरू पोस्ट ग्रेजुएट कालेज में छात्र नेताओं के दो गुट शिलापट लगवाने को लेकर आमने सामने हो गए। आपस में जमकर नोकझोंक के बाद प्राचार्य के सामने भी लड़ाई पर उतारू हो गए। मामला गर्म होता देख पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली लाई और समझा-बुझाकर कर मामले को शांत कराया।
कालेज में पेयजल के लिए आरओ सिस्टम लगा है। छात्र नेताओं में इसका श्रेय लेने की होड़ लगी है। शिलापट लगवाने को लेकर छात्रनेताओं में विरोधाभास है। छात्रनेता बलराम दूबे, रिटू द्विवेदी का मानना है कि शिलापट इन लोगों के नाम से लगना चाहिए। जबकि पूर्व में छात्र संघ के पदाधिकारी रहे त्रिभुवन वर्मा व अभिनाश अपने नाम का शिलापट लगवाना चाहते हैं। छात्रनेता बलराम दूबे मंगलवार को कालेज में शिलापट लगवाने की व्यवस्था कर रहे थे कि दूसरे गुट के छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया। दोनों पक्षों में पहले तो आपस में नोकझोंक हुई। मामला प्राचार्य तक पहुंचा तो वहां भी छात्रनेेताओं ने प्राचार्य की एक न सुनी और शोरगुल करने लगे।
मामला बढ़ता देख कालेज प्रशासन की ओर से पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस दोनो पक्ष को थाने लाई। जहां समझा बुझाकर मामले को शांत कराया दिया। नगर चौकी इंचार्ज जय शंकर मिश्र ने बताया कि दोनों पक्षों को समझाकर मामले को शांत करा दिया गया है। शिलापट लगवाने को लेकर हो हल्ला हुआ था। बातचीत से विवाद सुलझा दिया गया है। प्राचार्य डाक्टर पीसी पटेल का कहना है कि शिलापट को लेकर हंगामा उचित नहीं है। कायदन वर्तमान पदाधिकारियों के नाम शिलापट पर अंकित होने चाहिए। लेकिन समझाने पर भी ये लोग नहीं माने तो पुलिस बुलानी पड़ी। छात्र नेताओं की यह हरकत ठीक नहीं है।